पदमेश न्यूज़, बालाघाट। वर्षों से लंबीत अपनी विभिन्न सूत्रीय मांगे पूरी न होने से, मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के कर्मचारी प्रदेश सरकार से खासा नाराज है। जिन्होंने ज्ञापन, आवेदन, निवेदन पर भी कोई सुनवाई ना होने पर अपना एतराज जताते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है।जहां 6 मार्च से शुरू किए गए इस, आंदोलन के तीसरे चरण में 2 अप्रैल गुरुवार को मध्य प्रदेश विद्युत मंडल महासंघ से जुड़े कर्मचारियों ने अपना आक्रोश जताते हुए विद्युत कार्यालय समक्ष एकदिवसीय धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।जिसके माध्यम से उन्होंने उनकी 11 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने की गुहार लगाई है, तो वही धरने के माध्यम से भी मांग पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन के चौथे चरण के तहत 16 अप्रैल को भोपाल पहुंचकर आंदोलन किए जाने की बात कही है।इसके अलावा महासंघ ने भोपाल आंदोलन के बाद भी मांगे पूरी न होने पर काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल किए जाने की चेतावनी दी है।
नजरअंदाज की जा रही मांगे इसलिए, अपनाना पड़ा आंदोलन का रास्ता
मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन को तेज करते हुए धरना प्रदर्शन किया।महासंघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई। महासंघ के पदाधिकारियो ने बताया कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धरना आंदोलन के तीसरे चरण के तहत किया गया है। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन बड़ा किया जाएगा।कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि आंदोलन के चौथे चरण में 16 अप्रैल को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के कर्मचारी शामिल होंगे। इसके बाद भी यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो महासंघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होगा।
इन मांगों को पूरा करने की लगाई गुहार
धरने पर बैठे महासंघ से जुड़े कर्मचारियों द्वारा विद्युत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, विद्युत नियमित कर्मचारी परी, सहा./संयंत्र सहा./ सह, राज, अधि./कार्या. सहा, की वेतन विसंगति दूर करने विद्युत आउटसोर्सिंग कर्मचारीयों के लिए उत्तर प्रदेश और हरियाणा के तर्ज पर कंपनी का गठन करने,विद्युत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारियों को एक बार गृह जिला स्थानांतरण नीति लागू करने, उनकी गृह जिले में पदस्थापना करना, विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारीयों की पेंशन शासन के जिला कोषालय से देने, बिलम्ब के व्यवधान की समस्या का समाधान करने, विद्युत ग्रामीण सोसाइटी के शेष विद्युत कर्मचारियों का विद्युत कंपनी में सविलियन करने,सविलियत कर्मचारियों को विद्युत कंपनी के कर्मचारियों के समान समस्त सुविधाएं प्रदान करने, ग्रेजविटी 20 लाख से बढ़कर 25 लाख करने, अनुकंपा आश्रितों को सन 2000 से सन 2012 के बीच सामान्य मृत्यु के प्रकरण में अनुकंपा नियुक्ति
प्रदान करने,अप्रैल 89 के वेज बोर्ड में, नव नियुक्त (1 मई 89 से 98 तक के) तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के साथ वेतन विसंगति का भेदभाव दूर करने, उच्च न्यायालय खण्ड पीठ इंदौर की डबल बेंच आदेश का शीघ्र पालन करने, उच्च शिक्षा डिप्लोमा प्राप्त कर्मिकों की कनिष्ठ अभियंता के पद पर नियुक्ति प्रदान करने, और कर्मचारियों की सभी लम्बित समस्याओं को दूर करने की गुहार लगाई है।
तो कामबंद कर की जाएगी अनिश्चतकालीन हड़ताल- राधेश्याम ठाकरे
मप्र बिजली कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष राधेश्याम ठाकरे ने बताया कि 1983 से सरकार, बिजली विभाग में नियमित भर्ती नहीं करके संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों से काम चला रही है, जिससे काम का दबाव होने से कर्मचारी मानसिक, आर्थिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है।इसके अलावा हमारी विभिन्न मांगे लंबित है।जिसपर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।जिसको लेकर महासंघ भोपाल के निर्देशन पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है।पहले चरण के तहत 6 मार्च को ज्ञापन सौपकर सभी 11 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई गई थी।आंदोलन के दूसरे चरण 16 मार्च को प्रदेश के सभी जिलों में ज्ञापन के माध्यम से धरना, प्रदर्शन आंदोलन की जानकारी से अवगत कराया गया था।आंदोलन के तीसरे चरण में आज 2 अप्रैल को धरना प्रदर्शन किया गया है।उन्होंने बताया कि हम संवाद के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी जायज मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इसके बाद भी यदि मांगे पूरी नही होती तो आंदोलन की चौथे चरण के तहत 16 अप्रैल को भोपाल पहुंचकर आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी मांग पूरी न होने पर महासंघ द्वारा काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक हमारी यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।








































