मरम्मत कार्य के लिए २.५० करोड़ रुपए की राशि पर उठाये कांग्रेसी पार्षदो ने सवाल

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प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में नई-नई योजनाओं से आम जन को लाभान्वित किया जा रहा है इसी कड़ी में 21 फरवरी को बालाघाट नगर पालिका को भी सड़कों का नवीनीकरण एवं मरम्मत कार्य के लिए २.५० करोड़ रुपए की राशि दी गई है किंतु देखने को यह मिल रहा है कि यह राशि केवल भाजपा से जीते गए पार्षदों के वार्ड में ही उपयोग की जा रही है एवं कांग्रेसी पार्षदों के वार्डो को इसका कोई भी लाभ नहीं दिया जा रहा है यह आरोप हम नही लगा रहे ये आरोप विपक्षी पार्षद लगा रहे है
आपको बता दें कि जैसे ही इस योजना की राशि बालाघाट नगर पालिका को मिली तो,सभी वार्ड के पार्षदों को यह उम्मीद थी कि इस राशि से सभी वार्ड का कायाकल्प किया जाएगा किंतु जब नगर पालिका के द्वारा मरम्मत कार्यों के वार्ड की सूची प्रकाशित की गई तो उसमें कांग्रेसी पार्षदों के वार्ड को छोड़ दिया गया जिसको लेकर के सभी कांग्रेसी पार्षदों में रोष व्याप्त नजर आया और उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी
वही वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद पन्ना शर्मा के द्वारा बताया गया कि इस योजना के तहत हमारे वार्ड को शामिल नहीं किया गया है और मुझे तो ऐसा लगता है कि जबसे परिषद गठित हुई है तब से हमें, हमारे साथ तो भेदभाव ही हो रहा है जैसे कि अध्यक्ष महोदय कहती है कि 33 वार्ड के पार्षद हमारा परिवार है किंतु ऐसा कभी हमें देखने नहीं मिला जबकि देखा जाए तो हमारे यहां सबसे ज्यादा आवश्यकता थी मरम्मतीकरण की और दो रोड तो ऐसी हो गई है जिनका जल्द से जल्द मरम्मतीकरण करना आवश्यक था लेकिन भेदभाव पूर्ण रवैया की वजह से परिषद के एजेंडे में तक हमारे वार्ड में काम नहीं दिया गया है जबकि होना यह था कि सबसे पहले पूरे 33 वार्डों का निरीक्षण करना था और कहां-कहां मरम्मतीकरण की आवश्यकता है उन्हें इस योजना में शामिल करना था किंतु ऐसा नहीं हुआ और उन्होंने सिर्फ भाजपा समर्थित पार्षदों के वार्डो को ही इस योजना का लाभ दिलाया गया है और इसका खामियाजा इन्हें आगे चलकर जरूर मिलेगा
बाइट पन्ना शर्मा

वहीं वार्ड क्रमांक 27 के पार्षद आशुतोष डहरवाल बताते हैं कि हमारे वार्ड को इस योजना से वंचित रखा गया है जबकि एक ओर से देखा जाए तो माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा जो राशि दी गई है वह सभी 33 वार्डों के लिए दी गई थी लेकिन देखा यह गया कि टारगेट के हिसाब से कांग्रेश के जितने भी 11वार्ड है उनको इस योजना का लाभ नहीं दिया गया है जबकि हमारे वार्ड में अत्यंत आवश्यकता थी मरम्मतीकरण की जब की बारिश के पूर्व ही मरम्मतीकरण का काम अति शीघ्र ही हो जाना था यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है और उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की जो राजनीति की जा रही है वह ठीक नहीं है उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अब कुछ समय बचा है कर लीजिए उसके बाद तो चुनाव होंगे और हमारी सरकार भी आएगी और हम आपको फिर दिखाएंगे कि काम कैसे होता है और कैसे विकास होता है जिस प्रकार से नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा यह कहा जाता है कि यह 33 वार्ड हमारा परिवार है किंतु ऐसा कभी हमे दिखाया को या महसूस करने में नही आया है जब की हम भी इस परिवार के हिस्सा हैं जबकि देखा जाए तो 18 भाजपा के और 11 कांग्रेश के पार्षद हैं जिसमें से ऐसा लगता है कि 11 पार्षदों को अनाथ छोड़ दिया गया है और उन्होंने यह भी कहा कि ठीक है आज उनका समय है बाद में हमारा समय भी आएगा क्योंकि यह समय है एक जैसे नहीं रहता
बाइट आशुतोष डहरवाल
वही वार्ड नंबर दो के पार्षद एवं नेता प्रतिपक्ष योगराज कारो लिल्हारे ने दूरभाष पर बताया कि मुझे भी इस बात की जानकारी लगी की कायाकल्प योजना के तहत किसी भी कांग्रेस समर्थित पार्षदों के वार्ड को इस योजना का लाभ नहीं दिया गया है और ना ही इस योजना के तहत उनके वार्डो में काम हो रहा है यह बहुत ही दुख का विषय है ऐसा नहीं करना चाहिए था जिस प्रकार भाजपा समर्थित पार्षद को इस योजना का लाभ मिला रहा है उसी प्रकार से कांग्रेश के कुछ पार्षद को भी इस योजना का लाभ दिलाना था

वही वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद सरिता उइके द्वारा बताया गया कि हमारे वार्ड में बहुत सी रोड़ों की स्थिति लंबे समय से खराब है एवं हमे वार्ड वासियों द्वारा बहुत बार बताया गया था कि इन रोड़ो का मरम्मतीकरण जल्द से जल्द करवाना है जिसको लेकर के हमें यह उम्मीद थी कि कायाकल्प योजना के तहत हम वार्ड की रोड़ों का मरम्मतीकरण करवाएंगे किंतु जब नगर पालिका के द्वारा इस योजना की सूची बनाई गई तो हमारे वार्ड को इससे अछूता रख दिया गया जिसको लेकर के हमारे द्वारा नगर पालिका नपाध्यक्ष से बात की जाएगी और वार्डो की रोड़ों की स्थिति से अवगत कराया जाएगा

वहीं वार्ड क्रमांक 9 की कांग्रेसी पार्षद प्रतिनिधि सफकत खान द्वारा दूरभाष पर बताया गया कि की जिन लोगों ने भाजपा का समर्थन किया है ऐसे निर्दलीय पार्षद और भाजपा समर्थित पार्षदों के वार्ड को ही इस योजना का लाभ दिलाया गया है क्या भारतीय जनता पार्टी को शहर के इन्हीं वार्डो से वोट मिलती है एवं जिन वार्डों में यह जाकर वोट मांगते हैं क्या उन वार्डो से इनको कोई लेना देना नहीं है एवं कायाकल्प ही करना था तो जिन मार्गों पर बाजार भरता है उन मार्गों को सम्मिलित करना था इन्होंने उन मार्गो का उल्लेख ही नहीं किया है और जो रोड विगत 5 सालों में बनी है उन मार्गों को यह पुनः मरम्मतीकरण में डाल रहे हैं जैसे काली पुतली से नावेल्टी हाउस रोड यह रोड पिछले कार्यकाल में बनी है मेन रोड जिसकी हालत बहुत अच्छी है अभी उस रोड़ को कुछ करने की आवश्यकता ही नहीं थी
और शहर के अध्यक्ष होने के नाते समस्त वार्डो की रोड़ों को देखकर उन्हें सम्मिलित करना था मगर इन्होंने अपने ही वार्ड क्रमांक 25 को, वार्ड नंबर 22 ,एवं अपने हितेशीय वालों को इन्होंने इस योजना में सम्मिलित किया है
जबकि देखा जाए तो वार्ड नंबर 15 सबसे व्यस्ततम मार्गो में से एक मार्ग है जहां पर अस्पताल रोड, से होते हुए बैहर चौकी रोड, जिसमें 6 से 7 वार्ड सम्मिलित है

ऐसी रोड को इस योजना का लाभ ना दिला कर इन्होंने केवल अपने वार्ड को इस योजना में सम्मिलित किया है जो कही से भी न्याय उचित नही है
एवं दूसरी अहम बात यह कि यदि इतना बड़ा विषय था तो इस को इन्होंने परिषद की बैठक में क्यों नहीं लाया और क्यों इसकी जानकारी सभी पार्षदों को नहीं दी क्यों इसमें सुझाव आमंत्रित नहीं करवाए, किस आधार पर इन्होंने कायाकल्प की रूपरेखा बना ली जबकि ,यह चाहते तो परिषद के सदस्यों से इस विषय पर बात कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया और जानकारी तो यह भी आ रही है कि पीडब्ल्यूडी के सभापति को तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई
एवं क्या बिना परमिशन के या बिना सुझाव के ही इनके द्वारा इस योजना को चंद वार्डो को इसका लाभ दिला दिया गया एवं यह स्वयं के विवेक से ही यह सब काम कर रहे हैं
और आज हम अपना स्टेटमेंट इसलिए दे रहे हैं कि यह मैसेज जनता तक जाना चाहिए और जनता को भी पता लगना चाहिए कि नगरपालिका आज नगरपालिका के सदस्यों की सहमति से नही चल रही है, वह चल रही है व्यक्तिगत रूप से, ,जब उनकी जैसे मर्जी होती है वह वेसे चला रहे हैं जिससे शहर का विकास नहीं ,विनाश होना तय है एवं जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगरपालिका के सदस्यों की नहीं, नगरपालिका के अध्यक्ष की होगी। जिसका दोष पार्षदों के ऊपर नहीं आना चाहिए

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