महाशिवरात्रि पर शंकरघाट में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर स्थानीय शंकरघाट में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह होते ही भगवान शंकर के मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु अपने-अपने घरों से गंगाजल और पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजा की। हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय बना रहा।

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का पर्व स्थानीय शंकरघाट में पूरे हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। पर्व से एक दिन पूर्व ही विभिन्न शिव समितियों द्वारा शहर के अलग-अलग वार्डों से शिव बारात निकाली गई, जो देर रात 14 फरवरी को शंकर घाट पहुंचीं। भव्य झांकियों, शिव-पार्वती की आकर्षक शोभायात्राओं और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालु पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ शंकर घाट पहुंचे और रात्रि तक धार्मिक आयोजन जारी रहे। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालु अपने घरों से पूजा-अर्चना के लिए निकल पड़े। इस बार शंकर मंदिर एवं परिसर को विशेष लाइटिंग और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिससे घाट की सुंदरता और अधिक निखर उठी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में अतिरिक्त शिवलिंग भी स्थापित किए गए, ताकि भक्तों को पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा की दृष्टि से महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गईं, जो मंदिर के गर्भगृह तक सुव्यवस्थित रूप से संचालित होती रहीं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए। यातायात पुलिस द्वारा दो दिन पूर्व ही वाहनों की पार्किंग को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। विभिन्न समितियों द्वारा विशाल भंडारे और महाप्रसाद का आयोजन भी किया गया, जो सुबह से लेकर देर शाम तक निरंतर चलता रहा। पूरे दिन शंकर घाट आस्था, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता रहा।

शंकर-पार्वती का स्वरूप बना आकर्षण का केंद्र

महाशिवरात्रि पर शंकर घाट स्थित मंदिर के गर्भगृह में भगवान शंकर और माता पार्वती के संयुक्त मुखमंडल को विशेष श्रृंगार से सजाया गया। मंदिर समिति द्वारा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर शिव-पार्वती का आकर्षक शीश स्वरूप तैयार किया गया था। यह सज्जा श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही। दर्शन के दौरान श्रद्धालु इस मनोहारी स्वरूप को निहारते रहे और कई श्रद्धालुओं की नजरें इस दिव्य साज-सज्जा से हटने का नाम ही नहीं ले रही थीं। पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव और श्रद्धा से सराबोर नजर आया।

भारी पुलिस बल रहा तैनात

महाशिवरात्रि के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस विभाग द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। सुबह से ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस जवान मंदिर परिसर में तैनात रहे। समय-समय पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करते हुए पुलिस बल ने श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में सहयोग किया। वहीं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी परिसर में मौजूद रहे और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

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