नगर के वार्ड नंबर 1 बूढ़ी में 28 वर्षीय युवक रूपेंद्र पिता दयालाल वाघाड़े ने अपने घर में फांसी लगा ली जिसकी जिला अस्पताल लाते समय रास्ते में मौत हो गई यह घटना 22 अगस्त की रात्रि करीब 8:00 बजे घटित हुई
।जिला अस्पताल पुलिस ने इस युवक की लाश पोस्टमार्टम करवाकर उसके परिजनों को सौंप दिया है इस युवक ने मानसिक अस्वस्थता के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या की जाने की संभावना व्यक्त की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रुपेंद्र नगर के वार्ड नंबर 1 बूढ़ी में अपने परिवार के साथ रहता था और वे चार भाई, दो बहन है। बताया कि 3 साल पहले रूपेंद्र एमपीईबी में कॉल सेंटर में पदस्थ था किंतु 3 वर्ष से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था जिसका इलाज गोंदिया के चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था। 22 अगस्त की रात 8:00 बजे रुपेंद्र अपने घर में था। मां और बहन भी घर में ही थे उसी दौरान भूपेंद्र ने अलग कमरे मे छत में लगे हुक में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद परिवार वालों की नजर पड़ी रूपेंद्र कमरे में फांसी लटका हुआ था तब परिवार वालों ने
मोहल्ले वालों की मदद से रूपेंद्र को नीचे उतारे और स्कूटी में जिला अस्पताल बालाघाट लाये। जिसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल पुलिस ने मृतक भूपेंद्र की लाश पोस्टमार्टम करवाकर उसके परिजन को सौंप दी है और मर्ग डायरी अग्रिम कार्रवाई हेतु कोतवाली भिजवा दी है ।संभावना व्यक्त की जा रही है कि रुपेंद्र ने मानसिक बीमारी की वजह से फांसी लगाई। आगे जांच कोतवाली पुलिस द्वारा की जा रही है।









































