पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के मुख्य मार्ग पर कृषि उपज के अवैध परिवहन को रोकने के लिए मंडी प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए बड़ी कार्यवाही की है। मंडी उडऩदस्ता दल ने ३१ मार्च की सुबह क्षेत्र निरीक्षण के दौरान तीन ट्रकों को पकड़ा। यह कार्यवाही एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल के निर्देशानुसार एवं कृषि उपज मंडी सचिव गेलनसिंह मसराम के मार्गदर्शन में की गई। इन वाहनों में क्षमता से अधिक मिर्च लदी हुई थी और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नही होने पर म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम १९७२ के तहत कुल ६६६१९ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
चेकिंग के दौरान पकड़ाया अवैध परिवहन
मंडी उडऩदस्ता दल प्रभारी नगेंद्र रंगारे के साथ विशाल राजपूत ,विक्रांत देशमुख ,नखन सिंह धुर्वे एवं रूपलाल ऊईके जब क्षेत्र में निरीक्षण कर रहे थे। तभी नागपुर से बालाघाट की ओर आ रहे तीन ट्रकों को रोककर उनकी जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि वाहनों में निर्धारित मापदंड से कहीं अधिक मात्रा में मिर्च भरी हुई थी और चालकों के पास इसके वैध कागजात मौजूद नहीं थे।
यह हुई कार्यवाही
मंडी अधिनियम की धारा १९,६ के उल्लंघन पर प्रशासन ने ५ गुना मंडी शुल्क, निराश्रित शुल्क और समझौता शुल्क के तहत चालानी कार्यवाही की गई। जिसमें वाहन क्रमांक एम एच ४० डीसी ५६२५ जो गुजरात किराना बालाघाट का ट्रक है,जिसमें ४८.६१ क्विंटल मिर्च ज्यादा थी। जिस पर १८७०८ रुपए की चालानी कार्यवाही की गई। इसी प्रकार ट्रक क्रमांक एम एच ४० बी एल ३७४९ जो फिजा कॉरपोरेशन बालाघाट का ट्रक था जिसमें ५७.९७ क्विंटल मिर्च अधिक थी जिस पर २१३२६ रुपए की चालानी कार्यवाही की गई। वहीं एम एच ४० सी डी ५७८० जो कासम कच्छी बालाघाट कतराक था उसमें ४१.८१ क्विंटल मिर्च ज्यादा थी। जिस पर २६५८५ रुपए की चालानी कार्यवाही की गई। इस प्रकार तीनों ट्रैकों पर कुल १४८.३९ क्विंटल मिर्च अधिक होने पर ६६६१९ रुपए के चालान से दंडित किया गया। वहीं गाडिय़ों को शुल्क जमा करने पर छोड़ दिया गया।
५ गुना मंडी शुल्क के तहत की गई कार्यवाही-नागेंद्र रंगारे
निरीक्षक नागेंद्र रंगारे ने बताया कि नगर और आसपास के क्षेत्रों में कृषि उपज के अवैध परिवहन की शिकायत पर उडऩदस्ता दल लगातार सडक़ों पर निगरानी रखे हुए है। इसी कड़ी में तीन ट्रक मिले जिसमें कृषि उपज मिर्च भरी हुई थी जिसका कांटा कराया गया तो उसमें नियम अनुसार अधिक मिर्च भरी हुई थी। जिस पर मंडी अधिनियम की धारा १९,६ के तहत प्रकरण तैयार कर कुल ६६६१९ रुपए ५ गुना मंडी शुल्क के रूप में लिया गया। यह सभी ट्रक बालाघाट के है जो नागपुर से आ रहे थे शुल्क लेने के बाद सभी को छोड़ दिया गया है। शासन के नियमों का उल्लंघन कर बिना दस्तावेजों के कृषि उपज का परिवहन करना दंडनीय है। यह कार्रवाई व्यापारियों को सचेत करने के लिए है कि वे मंडी शुल्क की चोरी ना करें।








































