नगर मुख्यालय से लगभग ४ किमी. दूर सांई ग्राम बक$ोड़ा स्थित अति प्राचीन मॉ कात्यायनी मंदिर में चैत्र नवरात्र पर्व के प्रथम दिन २२ मार्च को शुभ मुहुर्त में विधि-विधान से पूजन अर्चन कर मंदिर के कलश कक्ष में १०० मनोकामना ज्योति कलशों की स्थापना के बाद नौ दिनों तक मातारानी की आराधना की गई एवं अष्टमी पर हवन-पूजन के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। चैत्र नवरात्र पर्व के समापन के अवसर पर मॉ कात्यायनी मंदिर प्रांगण से ३१ मार्च को प्रात: ११ बजे १०० कलशों की विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस जवारे विसर्जन व शोभायात्रा में कलशों को लेकर ग्राम की महिलाएं व नवयुवतियां निकली जिसके पश्चात शोभायात्रा ग्राम का भ्रमण करते हुए स्थानीय तालाब पहुंची जहां आरती के पश्चात जवारों का विसर्जन किया गया। विसर्जन पश्चात सभी श्रध्दालु कलशों के साथ मंदिर प्रांगण पहुंचे जहां मंदिर समिति द्वारा कलशधारी महिलाओं व कन्याओं का पैर धुलकर पूजन किया तत्पश्चात महाप्रसादी का वितरण किया गया। चर्चा में मॉ कात्यायनी मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गत २२ मार्च को मॉ कात्यायनी माता की विधि-विधान से पूजा अर्चना कर २३ घी व ७७ तेल के मनोकामना कलश प्रज्वलित कर जवारे बोये गये एवं नौ दिनों तक मातारानी की आराधना की गई एवं ३१ मार्च को मंदिर प्रांगण से कलशों की शोभायात्रा निकालकर ग्राम स्थित तालाब में कलश व जवारे विसर्जित कर महाप्रसादी का वितरण किया गया और माता-रानी से प्रार्थना करते है कि सभी के जीवन में हमेशा खुशहाली बनाये रखे।










































