मोती तालाब को मोती की माफिक चमकाने, उसे आकर्षक व सुंदर बनाने और शाम के वक्त वॉक करने वाले नागरिकों के लिए उजाले का बेहतर इंतजाम किए जाने को लेकर, नगर पालिका द्वारा लाखों रुपए खर्च कर कुछ माह पूर्व मोती तालाब के चारों ओर स्ट्रीट लाइट लगाकर इस मार्ग को रोशन किया गया था।
जहां खंबो पर लगाए गए बल्फो को रोशन करने के लिए विद्युत के साथ-साथ सोलर पैनल की व्यवस्था भी की गई थी, ताकि देर शाम, रात बिकाल इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को किसी भी प्रकार परेशानी ना हो और लोग कभी भी इस मार्ग को आसानी से पार कर सके।
लेकिन इस मार्ग को रौशन करने के लिए लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी,यह माँर्ग रात के समय अंधेरे में डूबा रहता है। जिसके चलते जहां एक ओर इस मार्ग से आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अंधेरा होने के चलते इस मार्ग पर असामाजिक तत्वों ने अपना डेरा जमा लिया है।
जो अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। शायद यही वजह है कि शाम के वक्त लोगों ने इस माँर्ग से आवाजाही बंद कर दी है वहीं विद्युत व्यवस्था ना होने के चलते लोगों को जहरीले सांप बिच्छू सहित अन्य जीव-जंतुओं का के काटने का डर बना हुआ है।
लंबे समय से स्ट्रीट लाइट बंद होने के बावजूद भी नगर पालिका ने उसे सुधारने की जहमत नहीं उठाई है जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों सहित अन्य राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है जिन्होंने को मोती तालाब पार माँर्ग को पूर्व भी भांति रौशन किए जाने की मांग की है।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने बताया कि मोती तालाब पार की स्ट्रीट लाइट बंद है यह जानकारी उन्हें नहीं थी। वे जल्द ही कर्मचारी भेज कर मामले का पता लगाएंगे। वही जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा।










































