यूपी में दिग्गज नेताओं के ज्यादातर बेटे-बेटियों ने जीत हासिल की !

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उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में दिग्गज नेताओं के ज्यादातर बेटे-बेटियों ने जीत हासिल की है। सपा से भी कुछ प्रत्याशी जीते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह ने नोएडा विधानसभा का चुनाव एक लाख से भी ज्यादा मतों के अंतर से जीता। वहां सुनील चौधरी समाजवादी पार्टी के दूसरे नंबर पर रहे। रामपुर खास सीट से आराधना मिश्रा मोना 84 हजार से ज्यादा वोट पाकर विजयी रहीं। वो कांग्रेस के बड़े नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और पार्टी की लाज बचाने में सफल रहीं। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह अतरौली सीट पर करीब 50 हजार वोटों से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी पर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
मऊ सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर लड़ रहे अब्बास अंसारी भी जीत गए हैं। वो बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। मुख्तार अंसारी जेल में बंद हैं। उन्होंने करीब 30 हजार वोटों से जीत पाई। चरथावल सीट से सपा के पंकज मलिक ने करीब पांच हजार वोटों से चुनाव जीता और बीजेपी की सपना कश्यप को हराया। पंकज मलिक पूर्व सांसद और जाट नेता हरेंद्र मलिक के बेटे हैं। दोनों ने कांग्रेस छोड़कर सपा ज्वाइन की थी। फर्रुखाबाद सीट से मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने जीत हासिल की, जो दिवंगत ब्रह्म दत्त द्विवेदी के बेटे हैं। उन्होंने सपा के सुमन शाक्य को हराया। हरदोई सीट से नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल ने करीब 40 हजार से ज्यादा वोटों से विजय हासिल की। रायबरेली सीट से अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह हाल ही में कांग्रेस से पाला बदलकर बीजेपी में आई थीं और उन्होंने कांटे की टक्कर में सपा के राम प्रताप यादव को हराया। दिग्गज नेता चंद्रपाल यादव के बेटे यशपाल सिंह यादव बबीना सीट से हार गए हैं। उन्हें बीजेपी के राजीव सिंह परीक्षा ने हराया। बाहुबली विधायक हरिशंकर तिवारी के बेटे विनयशंकर तिवारी चिल्लूपार सीट से चुनाव हार गए। उन्हें बीजेपी के राजेश त्रिपाठी ने हराया। बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण सिंह गोंडा विधानसभा सीट से चुनाव जीत गए हैं। स्वार सीट से आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम ने करीब 60 हजार वोटों से हैदर अली को हराया।
गोवा में पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर पणजी सीट पर चुनाव हार गए हैं। उन्होंने बीजेपी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में हरक सिंह रावत ने चुनाव के ठीक पहले बीजेपी से पाला बदला और कांग्रेस में आ गए। पूर्व कैबिनेट मंत्री डा। हरक सिंह रावत की बहू अनुकृति गुसाईं लैंसडौन से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार गईं हैं।

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