पिछड़े वर्ग की जनगणना कराने ,पिछड़े वर्ग को 52% आरक्षण देने, निजी क्षेत्र में एससी एसटी ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने, और एमएसपी की गारंटी कानून बनाकर किसानों को राहत प्रदान किए जाने सहित वर्षों से लंबित अपनी अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। जहा सौपे गए ज्ञापन में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा वर्षों से लंबित उनकी समस्त मांगों को जल्द से जल्द पूरा किए जाने की गुहार लगाई गई। जिसमें उन्होंने मांग पूरी ना होने पर चरणबद्ध आंदोलन किए जाने की बात कही तो वहीं उन्होंने 30 अप्रैल तक मांग पूरी ना होने पर 30 अप्रैल को भारत बंद किए जाने की चेतावनी दी है ।
देश में गधों की गिनती हो रही है पिछड़े वर्ग की नहीं- रामराज पटेल
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रामराज पटेल ने बताया कि पिछड़े वर्ग की गिनती कराने, उनकी मतगणना को लेकर कई बार आंदोलन धरना प्रदर्शन किए गए हैं। बावजूद इसके भी सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वय पिछडे वर्ग से अपना नामांकन जमा किया था लेकिन वे खुद पिछड़ों की जनगणना ना कराकर पिछडे वर्ग का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस देश में गधों की गिनती की जा रही है लेकिन पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं हो रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पिछड़ा वर्ग की जनगणना के आदेश जारी किए हैं । बावजूद इसके भी सरकार अब तक पिछड़े वर्ग के आंकड़े पेश नहीं किए है जिसके खिलाफ राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किए जा रहे हैं। जिसके तहत आज प्रदेश के तमाम जिला मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपा गया है। यदि हमारी मांग पूरी नहीं होती तो 5 अप्रैल को जिला मुख्यालय में धरना दिया जाएगा वही अपनी मांगों को लेकर 17 अप्रैल को समस्त जिला मुख्यालय में रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा । उसके बाद भी यदि मांग पूरी नहीं होती तो फिर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तले 30 अप्रैल को भारत बंद किया जाएगा।










































