भारतीय रेलवे को तत्काल प्रीमियम से पिछले छह माह में 577 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। कोरोना से पहले इस मद से रेलवे को तीन गुना कमाई की थी। पिछले छह माह की कमाई को देखते हुए यह लगभग तय है कि तत्काल प्रीमियम से इस वर्ष कमाई रेलवे को कुल कमाई 1000 करोड़ से अधिक की होगी। रेलवे द्वारा कुछ कुछ चुनिंदा ट्रेनों की पहचान की गयी है, जिनकी मांग अधिक है, इन ट्रेनों में तत्काल कोटे के के तहत मौजूदा सीटों को 50 फीसदी प्रीमियम तत्काल कोटा के रूप में निर्धारित किया गया है और इसे परिवर्तनशील मूल्य पर बुक किया जा रहा है। यानी जैसे जैसे सीटें कम होती जाएंगी, किराया बढ़ता जाएगा। यह एक स्लैब आधारित किराया योजना है, जहां 10 फीसदी सीटों के प्रत्येक स्लैब के बाद किराया 20 फीसदी बढ़ जाता है और यह अधिकतम तत्काल किराया का तीन गुना हो सकता है। यह व्यवस्था रेलवे ने अक्तूबर 2014 से लागू की है। संसद में रेलवे मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार रेलवे की प्रीमियम तत्काल से कोरोना से पहले यानी वर्ष 2019-20 में 1660 करोड़ की कमाई हुई है। वहीं कोरोना की पहली लहर के दौरान 355 करोड़ रुपये और 2021-22 में 726 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। इस वर्ष जून तक 577 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है।










































