स्थानीय तहसील कार्यालय में लंबे समय से स्थाई तहसीलदार का पद रिक्त होने के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कार्य लगातार लंबित हो रहे है, लालबर्रा में नायब तहसीलदार इन्द्रसेन तुमराली को तहसीलदार पद का प्रभार सौंपा गया है जिनके विभागीय बैठकों व निरीक्षणों में जाने के कारण दूर-दराज से तहसील कार्यालय पहुंचने वाले कृषकों को बैरंग वापस लौटना पड़ता है वहीं राजस्व प्रकरणों की नियमित सुनवाई भी प्रभावित हो रही है। तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार श्री तुमराली पर कार्य का अत्यधिक दबाव होने के कारणतहसील न्यायालय में होने वाली राजस्व प्रकरणों की सुनवाई प्रभावित हो रही है वहीं विभिन्न शिकायतोंके निराकरण हेतु पहुंचने वाले लोगों को भी कर्मचारियों से ही अपनी व्यथा बयान करनी पड़ती है।
पद्मेश की टीम ने इस सप्ताह में हुई सुनवाई के संबंध में जब जानकारी एकत्रित की तो पता चला कि १३ जुलाई को प्रभारी तहसीलदार श्री तुमराली वारासिवनी में आयोजित विभागीय बैठक में शामिल हुए जिसके पश्चात १४ जुलाई को वे जिला मुख्यालय में आयोजित विभागीय बैठक में शामिल हुए वहीं १५ जुलाई को वे फोर लेन यानि राष्ट्रीय राज्य मार्ग संबंधी सर्वे व अन्य कार्यों में व्यस्त रहे जिसके कारण लगातार तीन दिनों तक राजस्व प्रकरणों की सुनवाई नही हो पाई जिसके पश्चात १६ जुलाई को कार्यालयीन समय में प्रकरणों की सुनवाई की गई। विदित हो कि लालबर्रा ब्लाक में ७७ ग्राम पंचायतें एवं लगभग १०६ राजस्व गांव मौजूद है जहां पर निवासरत कृषकों को अपने विभिन्न राजस्व संबंधी कार्योंके लिये १५-२० किमी. की दूरी तय कर नगर मुख्यालय लालबर्रा स्थित तहसील कार्यालय आना पड़ता है जिसमें तहसीलदार की अनुपस्थिति के कारण कृषकों को काफी निराशा का सामना करना पड़ रहा है। हम आपको बता दें कि लालबर्रा तहसील में स्थाई तहसीलदार का एक पद एवं नायब तहसीलदार के दो पद है जिसमें से स्थाई तहसीलदार का पद लंबे समय से रिक्त पड़ा हुआ है एवं सिर्फ एक नायब तहसीलदार के द्वारा इतनी बड़ी तहसील के दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। चर्चा में स्थानीय अधिवक्ताओं व दूरदराज से पहुंचे ग्रामीण कृषकों ने बताया कि प्रभारी तहसीलदार श्री तुमराली के द्वारा तहसील कार्यालय में पूर्ण समय दिया जा रहा है परंतु विभागीय कार्य से मीटिंग व दौरे में जाने एवं अधिक वर्कलोड होने के कारण कई बार उन्हे बाहर जाना पड़ता है जिससे कई कार्य लंबित हो जाते है। अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसीलदार के कार्यालय में नहीं रहने से बहुत से प्रकरण पेंडिंग हो गये है एवं समय पर प्रकरणों का निपटारा नहीं हो पा रहा है। अधिवक्ताओं व क्षेत्रीय जागरूक लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि तहसील कार्यालय में जल्द से स्थाई तहसीलदार व एक नायब तहसीलदार की नियुक्ति की जाये ताकि आमजनों के समस्त कार्य समय पर हो सके।
लोगों को समय पर नहीं मिल पाता न्याय – पवन
तहसील अधिवक्ता संघ सचिव अधिवक्ता पवन गौतम ने कहा कि लालबर्रा तहसील बहुत बड़ा क्षेत्र है जहां पर लगभग ७७ ग्राम पंचायतें है, विस्तृत क्षेत्र होने के कारणयहां पर राजस्व के कार्यजैसेनामांतरण बंटवारा सहित अन्य काफी कार्य होते है एवं काम की अपेक्षा में अधिकारियों की कमी है, वर्तमान में मात्र एक प्रभारी तहसीलदार है। श्री गौतम ने कहा कि एक तहसीलदार होने के कारणयहां के लोगों के कार्य पूर्णनही हो पाते है, समय-समय पर तहसीलदार बैठकों व निरीक्षणों के चलते व्यस्त रहते है जिसके कारणन्याय की प्राप्ति के लिये आने वाले लोगों को समय पर न्याय नही मिल पाता है इसलिये हमारी मांग है कि यहां पर जो रिक्त पद है उनकी जल्द से जल्द पूर्ति की जाये।
राजस्व निरीक्षक मंडल के अनुसार हो पदों की पूर्ति – शिशुपाल पारधी
अधिवक्ता शिशुपाल पारधी ने कहा कि लालबर्रा तहसील में तीन राजस्व निरीक्षक मंडल है जिसमें लगभग १०७ ग्राम होते है एवं तहसील न्यायालय में हर समय लगभग १०००-१२०० प्रकरण लंबित रहते है, इस दौरान यह स्थिति होती है कि प्रकरणों की सुनवाई नियत समय में नहीं हो पाती है, पता यह चलता है कि प्रकरण किस स्टेज पर लगा है और अगली तारीख में निर्णय आ जाता है, जब तक पारदर्शिता नही होगी तो भ्रष्टाचार नही रूके गा। श्री पारधी ने कहा कि नियत समय पर प्रकरणों की पेशी हो इसके लिये हर राजस्व निरीक्षक मंडल के अनुसार तहसीलदार के जो पद स्वीकृत है उसकी पूर्ति करते हुए तहसीलदार व नायब तहसीलदारों की नियुक्ति की जाये।
स्थाई तहसीलदार की है सख्त आवश्यकता – केवल उके
अधिवक्ता केवल उके ने कहा कि तहसील कार्यालय में समस्याएं बहुत है, यहां प्रकरण काफी पेंडिंग रहते है एवं अधिकारी व कर्मचारी की कमी है, प्रभारी तहसीलदार के भरोसे तहसील चल रही है एवं स्थाई तहसीलदार की सख्त आवश्यकता है। श्री उके नेकहाकि प्रकरणों की समय पर सुनवाई ना होने के कारणपेंडिंग केस बढ़ते है, यदि यहां पर एक स्थाई तहसीलदार की नियुक्ति हो जाये तो केस समय पर निपटेंगे एवं लोगों की समस्याओं का भी निराकरण होगा, बालाघाट विधानसभा पूर्व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन का क्षेत्र है फिर भी यहां पर अधिकारियोंं की कमी निरंतर बनी हुई है।
अधिकारी ना होने से मायूस होकर लौटते हैं लोग – जगदीश
अधिवक्ता जगदीश बोपचे ने कहा कि तहसील कार्यालय में पीडि़त लोग दूर-दराज से आते है एवं जब कार्य की व्यस्तता के चलते अधिकारी नही मिलते है तो वे मायूस होकर वापस लौट जाते है। श्री बोपचे ने कहा कि यह पूर्व केबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक गौरीशंकर बिसेन का क्षेत्र है, इस लालबर्रा तहसील में तहसीलदार-रीडर-स्टेनो की आवश्यकता है, ट्रेजरी की आवश्यकता है जो यहां की आम जनता की मूलभूत समस्या है, इस क्षेत्र में जनता ने विधायक गौरीशंकर बिसेन को काफी दिनों से निर्वाचित कर सरकार तक भेजा है परंतु यहां पर आज दिनांक तक स्थाई तहसीलदार की नियुक्ति नही हो पाई है।










































