विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 37 दिन बाद शनिवार को आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश दिया गया। गर्भगृह से भगवान महाकाल के दर्शन कर भक्त निहाल हो गए, महाकाल के जय घोष से मंदिर गुंजायमान हो गया। महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि विवाह एवं मांगलिक कार्यक्रमों पर लगे कोरोना प्रतिबंध हटने के बाद गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने का निर्णय मंदिर प्रबंध समिति ने लिया है। आगे भी श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन की अनुमति दी जाएगी। अधिक भीड़ होने पर दर्शनार्थी 1500 रुपये शुल्क के साथ गर्भगृह में प्रवेश कर सकेंगे।
मालूम हो कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण और नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देख महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बाद में कोरोना पाजिटिव केस बढ़ने पर शासन द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए रखा। शुक्रवार को शासन द्वारा मांगलिक कार्यक्रमों पर लागू कोरोना प्रतिबंध हटाने का फैसला आया था।
इसके बाद वसंत पंचमी पर शनिवार दोपहर जैसे ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति श्रद्धालुओं को मिली, पूरा परिसर जय महाकाल के घोष से गूंज उठा। इस दौरान 100 रुपये शुल्क वाले प्रोटोकाल दर्शन और 250 रुपये के सशुल्क दर्शन पर रोक लगाई गई थी। वसंत पंचमी पर करीब 25 हजार श्रद्धालुओं के गर्भगृह से दर्शन करने का अनुमान है।











































