शासकीय सिविल अस्पताल में कार्यरत स्टाफ नर्स म.प्र.नर्सेस एसोसिएशन के आव्हान पर पूर्व से लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर है। जिससे अस्पताल में विभिन्न प्रकार के कार्य प्रभावित हो रहे हैं जिसमें मुख्य रुप से आपातकालीन सेवा प्रभावित हो रही है। जिसके कारण क्षेत्र मे कार्यरत स्टाफ को सिविल अस्पताल में अपनी सेवा देनी पड़ रही है और सभी सेवा प्रारंभ है और क्षेत्र के स्वस्थ्य केन्द्र की स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो गई है। पर इस हड़ताल के कारण कार्य भार बढ़ा हुआ है जिससे कार्यरत कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वही कुछ कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
हडताली नर्सों ने बताया कि सिविल अस्पताल और सभी केंद्रों में कार्यरत स्टाफ नर्स १ जुलाई से हड़ताल पर चले गए हैं क्योंकि हमारी कुछ समय से लंबित मांगे उच्च स्तरीय वेतनमान पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए और कोविड.१९ जो शहीद हुए हैं उनके स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए और १५ अगस्त को सभी स्टाफ नर्स को पूर्णता का सम्मान दिया जाये साथ ही इंक्रीमेंट में दो वेतन वृद्धि की जाए और जो उच्च शिक्षा के लिए नर्सों को आयु का प्रतिबंध है उसे समाप्त करें । कोरोना काल में जो अस्थाई रूप से नर्स भर्ती की गई है उन को नियमित किया जाए और मेल नर्स की भर्ती की जाये।
जिससे कि कई प्रकार की समस्या का निराकरण हो सके सहित अन्य प्रकार की १२ सूत्रीय मांगे है। जिस पर प्रदेश सरकार और प्रशासन को लगातार आवेदन कर मांग की जा रही थी परंतु इस पर किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जा रहा था जिसके कारण मध्य प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल की गई है जो अनिश्चितकालीन हड़ताल है। जब तक उक्त मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक हड़ताल चलती रहेगी क्योंकि उक्त मांगों को लंबे समय से पूरा करने के लिए मांग की जा रही है परंतु पूरा ना करने के कारण नर्स बहनों को विभिन्न प्रकार की समस्या आ रही है और उन्हें लगातार परेशान होना पड़ रहा है । इसलिए प्रशासन से मांग है कि वह हमारी मांगों को पूर्ण कर समस्याओं का समाधान करें ताकि हम निश्चिंत होकर अपनी सेवा दे सके।
चर्चा में किशोर कुमार चौबे ने बताया कि तीन बार हो गए रोज आ रहे हैं पर केंद्र बंद ही रहता है जब भी आए हैं तो केंद्र बन रहा है। ऐसे में समस्या हो रही है कि काम धंधा छोड़ कर आना पड़ता है इसलिए शासन इस पर ध्यान देकर जो समय निकाल कर आते हैं उन्हें परेशानी ना हो इसलिए टीकाकरण निरंतर जारी रखा जाये। स्टाफ नर्स मंजूलता कातरे ने बताया कि हमारी हड़ताल करने का उद्देश्य है कि हमारी कुछ मांगे हैं जो पिछले दो.तीन सालों से पूर्ण नहीं हो रही है जिसमें २ साल का इंक्रीमेंट नहीं मिला है और दो इंक्रीमेंट मिलने थे वह भी नहीं मिले हैं पेमेंट वही है बस काम का दबाव बढ़ता जा रहा है।
सरकार ने अंशदाई पेंशन बंद कर नई पेंशन लागू की है जिससे सभी को हानि होने वाली है। श्रीमती कातरे ने बताया कि इस प्रकार की समस्याओं से बहुत दिक्कत होती है पैसे कम मिल रहा है घर का मेंटेनेंस बिगड़ता जा रहा है। ३ साल से वही पेमेंट है और उसमें हम काम कर रहे हैं तो काम का लोड ज्यादा है कोविड.१९ में सभी ने ईमानदारी से काम किया और उस में बहुत परेशानी हुई फि र भी कुछ नहीं मिल रहा है। लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है ऐसे में दिक्कत तो होगी इसलिए शासन मांगों को पूर्ण कर हमें लाभान्वित करने का कार्य करे। सुषमा गौतम ने बताया कि यह पहली बार है जब पूरे मध्यप्रदेश में नर्सों ने हड़ताल की है इतने सालों से हम काम कर रहे हैं पर हमारी तरफ मध्यप्रदेश शासन ध्यान नहीं दे रहा है। अभी कोरोना वायरस में सभी ने सेवा दी तन मन से जान को जोखिम मे डाल कर काम किया यहां तक कि कई स्टाफ नर्सों को काम करते.करते मौत हो गई उसके बाद भी सरकार ने जो घोषणा की थी कि आशा कार्यकर्ता को दस हजार रुपये और कर्मचारियों को भी दिया जाएगा वह अभी तक पूरी नहीं की गई है। श्रीमती गौतम ने बताया कि इतना कुछ होने के बाद भी हमें कुछ नहीं मिला वेतन वृद्धि नहीं हुई इतनी परेशानी देखते हुए काम कर रहे हैं और काम सभी करना चाहते हैं और कर रहे हैं परंतु हमारा परिवार भी तो प्रभावित हो रहा है।
अस्पताल में स्टाफ नहीं है संविदा कर्मचारी है जिन्हें कार्य बाधित हो गए जिसमें आपातकाल की सेवा में दिक्कत होगी और यह स्थिति सभी जगह है हमारी अनिश्चितकालीन हड़ताल है। जब तक के मांगे पूरी नहीं होगी तब तक हड़ताल समाप्त नहीं होगी। बीएमओ डॉ रविंद्र ताथोड ने बताया कि १ जुलाई से स्टाफ नर्स हड़ताल पर गई है जिससे निश्चित ही हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है परंतु उसकी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में फ ील्ड में जो हमारा स्टाफ था उन्हें यहां लगाया गया है। इसके अलावा कोविड.१९ मे जितनी पदस्थापना की गई थी उन संविदा स्टाफ नर्स की मदद ली जा रही है। श्री ताथोड ने बताया कि तीन कैटेगरी को यहां अटैच किया गया है वैक्सीनेशन का दूसरा डोज लगाया जाएगा और सोमवार को कोविशिल्ड का दूसरा टीका लगाया जाएगा। वैक्सीनेशन नियमित टीकाकरण से बंद है हड़ताल से नहीं एएनएम काम कर रही है वैसे भी सप्ताह में ३ दिन टीकाकरण नहीं होता है।









































