वारासिवनी (पदमेश न्यूज)। वारासिवनी न्यायालय की प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश सनोडिया की अदालत में मंगलवार को हत्या के प्रकरण में फैसला सुनाते हुए पत्नी की हत्या करने पर पति आरोपी करण सिंह को आजीवन कारावास और ४ हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपायली थाना अंतर्गत ग्राम झालीवाड़ा निवासी संजूबाई पिता बस्तीराम का विवाह १३ मार्च २०१८ को थाना लालबर्रा बहियाटिकुर निवासी करण सिंह पिता बस्ताराम महाले से सामाजिक रीति.रिवाजों के साथ सम्पन्न हुआ था। जिसके बाद से करणसिंह अपनी पत्नी संजूबाई को मायके से दहेज में ५० हजार रुपये नकद और एक मोटर साइकिल लाने के लिए शारीरिक मानसिक प्रताडि़त करता रहता था, और इसी बात को लेकर ८ अगस्त २०१८ को करण सिंह के द्वारा अपनी पत्नी की पिटाई की गई जिसकी सूचना संजूबाई ने अपने मायके में दी तो उसका भाई संजय अगले दिन ९ अगस्त को अपनी बहन को लेने के लिए आया तो उसके जीजा करण सिंह ने उसके साथ मारपीट कर तू कैसे आया कर के भगा दिया। जिसके बाद ११ अगस्त २०१८ को अपनी बेटी से मिलने के लिए संजूबाई के पिता बस्तीराम ,मां प्रमिला बाई बहियाटिकुर आये जिन्होंने देखा कि उनकी लडक़ी की हालत बहुत खराब है जिस पर अपनी लडक़ी को बालाघाट निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां पर उपचार के बाद डॉक्टर के कहने पर गोंदिया में भर्ती कराया गया और वहां पर भी उपचार चला जिसके बाद वहां की भी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर बोल दिया कि आप अपनी लडक़ी को अच्छे बड़े अस्पताल में ले जाये या वापस घर ले जाइये क्योंकि इसकी बचने की संभावना बहुत कम है। ऐसे में आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर १५ अगस्त को संजूबाई के माता.पिता के द्वारा उसे वापस लालबर्रा लेकर आए और थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई जिस पर १५ अगस्त को पुलिस के द्वारा करण सिंह पर दहेज प्रताडऩा के लिये ४९८ए दहेज एक्ट की धारा ३ ४ के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। तत्पश्चात संजूबाई को उसके माता पिता ने जिला चिकित्सालय बालाघाट में भर्ती किया जहां पर १६ अगस्त २०१८ की दोपहर ४ बजे उसकी मौत हो गई। जिसकी सूचना अस्पताल तहरीर पर पुलिस को दी गई पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही कर लालबर्रा थाने को मर्ग भेजा गया जिस पर पुलिस ने तहरीर जांच के बाद पूर्व में दर्ज दहेज प्रताडऩा के मामले में भादवि की धारा ३०४ बी और ३०२ वृद्धि कर करण सिंह पिता बस्ताराम महाले उम्र २४ वर्ष निवासी बहियाटिकुर को गिरफ्तार कर वारासिवनी न्यायालय के समक्ष पेश किया जिसके बाद से उक्त मामला प्रथम अपर न्यायालय में चल रहा था। जिसमें पीडि़़ता की ओर से १६ साक्षो के न्यायालय में कथन करवाये गये जिसमें सभी गवाहों रिपोर्ट और अन्य तत्वों पर दोष सिद्ध होने पर प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश कमलेश सनोडिया की अदालत ने मंगलवार को सजा सुनाते हुए भादवि की धारा ४९८ए में १ वर्ष का कारावास ५०० रुपये अर्थदंड दहेज एक्ट की धारा ४ में १ वर्ष का कारावास ५०० रुपये का अर्थदंड एवं ३०२ में आजीवन कारावास ३०० रुपये का दंड देकर विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास और ४००० रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जिसमें पीडि़ता की ओर से शासकीय अधिवक्ता महेंद्र मिश्रा के द्वारा पैरवी की गई। अधिवक्ता महेंद्र मिश्रा ने बताया कि संजूबाई का विवाह बहियाटिकुर निवासी करणसिंह से हुआ था जिसके द्वारा अपनी पत्नी को दहेज की मांग कर मारपीट की जाती थी और ८ अगस्त २०१८ को बहुत बुरी तरह से मारपीट की गई जिससे संजुबाई बीमार हो गई और उसके माता पिता के द्वारा लालबर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवा का उपचार कराया गया। १६ अगस्त २०१८ की दोपहर ४ बजे संजू बाई की मौत हो गई। जिसमें कमलेश सनोडिया की अदालत में दोष सिध्द होने पर आजीवन कारावास की सजा सुना कर ४००० के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है।









































