विशाल हत्याकांड के मास्टरमाइंड भीम को न्यायालय ने भेजा जेल

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रामपायली थाना अंतर्गत 25 जनवरी को घटित अंधे हत्याकांड के आरोपी भीम खोबरागडे को पुलिस ने 5 मार्च को वारासिवनी न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 जनवरी को रामपायली निवासी 30 वर्षीय विशाल खोबरागडे अचानक लापता हो गया था जिसकी हत्या की खबर लोगों के द्वारा बताई जा रही थी। जिस पर रामपायली पुलिस के द्वारा विशाल खोबरागडे के अपहरण को लेकर पूछताछ शुरू की गई जिसमें लावेरी थाना लामता मैं कुछ दिनों बाद अज्ञात व्यक्ति का शव स्थानीय पुलिस के द्वारा बरामद किया गया। जिसकी पहचान रामपायली पुलिस के द्वारा विशाल खोबरागडे के रूप में की गई जिसमें पुलिस के द्वारा गहन पूछताछ कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर मुखबिर सूचना पर गणेश पिता बस्तीराम उइके उम्र 43 साल निवासी कस्बीटोला रामपायली थाना रामपायली, मदन पिता परेश खोब्रागढे उम्र 36 साल भीमनगर रजेगाँव थाना वारासिवनी, बालकृष्ण उर्फ बालु पिता पतिराम दमाहे उम्र 32 साल निवासी रामपायली, सुखचंद पिता भूरेलाल उईके उम्र 32 साल निवासी वार्ड नं 15 ग्राम लवेरी थाना लामटा, सिध्दार्थ उर्फ छोटा पिता जितेन्द्र डोंगरे उम्र 19 साल निवासी वार्ड नं 15 ग्राम लवेरी थाना लामटा को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। आरोपियों ने बताया कि रामपायली के विशाल खोब्रागढे को उसी के रिश्ते के भाई भीम खोब्रागढे ने अपने अन्य रिश्तेदारों व साथियों के साथ मिलकर संपत्ति के लालच में विशाल खोब्रागढ़े की हत्या की है। जिसमे पहले विशाल का अपहरण किया गया जिसके बाद सभी ने बेरहमी से क्रूरता के साथ पहले उसकी हत्या कर दी गयी। उसके बाद संयुक्त रुप से षडयंत्र कर ग्राम लवेरी थाना लामटा आमाखोली के घने जंगलों में सूखे नाले में गड्डा खोदकर मामले को छिपाने की नियत से मृतक विशाल खोब्रागढ़े के शव को दफना दिया था। जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 40 / 23 भादवी की धारा 302, 364, 201, 120बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। जिसके तहत उक्त आरोपियों को गिरफ्तार कर पूर्व में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया था। वही घटना का प्रमुख मास्टर माइंड आरोपी भीम उर्फ विवेकानंद पिता परेश खोब्रागढ़े उम्र 33 साल निवासी कस्बीटोला रामपायली फरार चल रहा था जिसे मुखबिर सूचना पर 4 अप्रैल को छिन्दलई पिपरिया के जंगल से गिरफ्तार कर 5 अप्रैल को वारासिवनी न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। वही इस प्रकरण में एक आरोपी फरार बताया जा रहा है जिसकी सरगर्मी से पतासाजी की जा रही है।

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