वारासिवनी(पद्मेश न्यूज)। नगर के श्री राम मंदिर में प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी २६ अप्रैल को प्रगतिशील सेन नाई समाज कल्याण संगठन वारासिवनी के तत्वावधान में श्री संत शिरोमणि नंदा सेन महाराज का ७२५ वां जन्मोत्सव धुमधाम से मनाया गया। यह कार्यक्रम समाज के पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति में प्रारंभ किया गया। जिसमें उपस्थित जनों के द्वारा सर्वप्रथम श्री संत शिरोमणि नंदा सेन महाराज के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रचलित कर माल्यार्पण कर विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात यह ७२५ वां जन्मोत्सव महोत्सव के रूप में मनाया गया। जिसमें आयोजन समिति के द्वारा महिला बुजुर्ग विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपस्थित जनों के द्वारा श्री संत शिरोमणि नंदा सेन जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए विस्तार पूर्वक बताया गया। वहीं समाज उत्थान एवं समाज में बच्चों को शिक्षित कर उच्च शिक्षा की ओर भेजने के विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा कर समाज के लोगों को प्रेरित किया गया। ताकि समाज का प्रत्येक बच्चा शिक्षित हो सके और वह स्वयं के उत्थान के साथ समाज का भी उत्थान करें। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ अनिल श्रीवास ,पी एल शेण्डे ,दीनदयाल फुलबाधे ,संतोष बारसागडे ,गणेश श्रीवास ,संजय लांजेवार ,योगेश दानी ,प्रकाश लांजेवार ,दीपक कावरे ,भरत पेठेकर ,राकेश जुझार ,जे पी श्रीवास, मनोहर उरकुडे ,धानु लांजेवार, उदेलाल बारसागड़े ,कमलकिशोर फुलबांधे ,कोमल ठेंगाये सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
संत शिरोमणि सेन महाराज की जयंती के अवसर पर सेन समाज के द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के वरिष्ठ नागरिको का सम्मान किया गया वहीं समाज की महिलाओं को प्रोत्साहित करने आगे आकर नेतृत्व करने के लिए श्रीफ ल से सम्मानित किया गया। इसके बाद समाज में कक्षा पांचवी और आठवीं में ७० प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं समाज के लोगों से शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपील की गई।
पहलगाम हत्याकांड के मृतकों को दी श्रद्धांजलि
सेन महाराज जयंती कार्यक्रम के अवसर पर जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले स्थित पहलगाम के पर्यटन क्षेत्र में हुई आतंकवादी घटना में अंधाधुंध गोली बारी में मारे गए सैलानियों को श्रद्धांजलि दी गई । वहीं २ मिनट का मौन धारण कर ईश्वर से उन्हें अपने चरणों में स्थान देने उनके परिवार को दुख सहन करने की क्षमता प्रदान करने की कामना की गई एवं पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक मनाया गया।










































