वारासिवनी। नगर के गाँधी बाल उद्यान में रविवार की शाम ५.३० बजे संयुक्त विभाग पेंशनर संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पेंशनरों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं और वित्तीय लाभों को लेकर विस्तार से चर्चा की और शासन प्रशासन के प्रति अपनी चिंताओं को साझा किया। बैठक का मुख्य एजेंडा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उन अधिकारों पर केंद्रित रहा जो लंबे समय से अटके हुए हैं। चर्चा के दौरान अर्जित अवकाश का नगदीकरण जिसमें कई कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के वर्षों बीत जाने के बाद भी अब तक अर्जित अवकाश की राशि प्राप्त नहीं हुई है। समयमान वेतनमान में चतुर्थ समयमान वेतनमान और क्रमोन्नति का लाभ नही मिलना पेंशनरों के बीच असंतोष का मुख्य कारण बना हुआ है। वहीं विशेष रूप से वन विभाग के कर्मचारियों को न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक तृतीय क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिया गया है। सहित अन्य विषय पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। इसमें पेंशनर संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी जायज मांगों और न्यायालय के आदेशों का पालन शीघ्र नहीं किया गया तो वे आगामी रणनीति तैयार कर अपने हक की लड़ाई को और तेज करेंगे। सतीशचंद्र दुबे ने बताया कि संयुक्त विभाग पेंशनर की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और निर्णय निकल गया कि ५ से ८ तारीख के मध्य मासिक बैठक की जाएगी। वहीं देखने में आ रहा है कि सेवानिवृत कर्मचारियों को लाभ देने में शासन लेट कर रही है। नियमित को जुलाई में और सेवानिवृत्ति को जनवरी में जबकि नियम दोनों को साथ में देने का है। शासन हमारे साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है ,चौथी क्रमोन्नति यह २३ से दे रहे हैं जबकि १७ से हमें तीसरी और चौथी क्रमोन्नति नहीं दी गई है। अब इस बात के लिए हमें शासन और न्यायालय के समक्ष बात रखनी पड़ेगी। इस अवसर पर बी एल चौधरी, एस एल कावरे ,टी एस भगत ,देवेंद्र पटले ,शिवदयाल पटले ,सतीश दुबे ,हेमंत अमूले ,एम एल राणा, डी सी बिसेन ,कलीम खान ,एस आर समरीते ,डी आर बिसेन, डी आर बागरे ,देवानंद बिसेन, हीरासिंह चंदेल और मनोहर ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अन्य पेंशनर शामिल हुए।










































