शनिवार को जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे उस समय असहज हो गए, जब अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उनके ही सामने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर दी। इससे मंत्री नाराज हो गए। दरअसल, जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद आयुष मंत्री ट्रामा सेंटर की तरफ बढ़ रहे थे, तभी अस्पताल के मेन गेट पर कुछ संविदा कर्मियों ने उन्हें अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। इस दौरान वारासिवनी अस्पताल में पदस्थ एएनएम मनीषा मेश्राम ने ‘जो सरकारी निक्कमी है, वो सरकार बदलनी है…’ का नारा लगा दिया। इस पर मंत्री श्री कावरे नाराज हो गए और एएनएम मनीषा मेश्राम सहित सभी संविदा कर्मियों को शिष्टाचार का पाठ पढ़ा दिया।
अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री ने नारा लगाने वाली स्वास्थ्य कर्मी से नाम पूछा और कहा कि जिस सरकार से आप मांग कर रहे हैं, उसके खिलाफ मेरे ही सामने ऐसे नारे लगाना शिष्टचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वह संविदा कर्मियों के साथ हैं। उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन इस तरह की नारेबाजी गलत है। शिष्टचार का पाठ पढ़ाने के साथ मंत्री ने संविदा कर्मियों को उस सर्विस एग्रीमेंट की भी याद दिलाई, जिसमें नौकरी जॉइन करने से पहले उन्होंने किन शर्तांे पर हस्ताक्षर किए थे। मंत्री ने कहा कि सर्विस एग्रीमेंट में पेंशन जैसे नियम नहीं थे, लेकिन आज आप इसकी मांग कर रहे हैं क्योंकि हम भी जानते हैं कि इतने कम वेतन में घर नहीं चलता। आपकी मांग और भावनाओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
इससे पहले प्रोत्साहन राशि और नियमितीकरण की मांग को लेकर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठीं जिलेभर की आशा कार्यकर्ताओं ने आयुष मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याएं गिनाईं। मप्र आशा-ऊषा सहयोगिनी प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुशीला वट्टी ने मांगों के संबंध में बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को पिछले तीन साल से समय पर प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। ऐसे 9 स्वास्थ्य कार्यक्रम हैं, जिनकी राशि का भुगतान आधा-अधूरा किया जाता है। इसके कारण परिवार का भरन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान जिला अध्यक्ष ने ट्रामा सेंटर परिसर में आशा कार्यकर्ताओं को रुकने के लिए वर्जित करने के आदेश से भी अवगत कराया। इस पर आयुष मंत्री ने कहा कि ताली दोनों हाथ से बजती है। कुछ कमियां होंगी, इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाई गई होगी, लेकिन अगर आपके मन को ठेस पहुंचा है तो इस व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। रही बात प्रोत्साहन राशि की, तो सात दिनों के अंदर जानकारी लेकर राशि खाते में डलवाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा अगर किसी आशा कार्यकर्ता के खिलाफ गड़बड़ी करने की जानकारी मिलती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आयुष मंत्री ने आशा कार्यकर्ताओं का कार्य क्षेत्र बढ़ाते हुए जिले के अलग-अलग डिलेवरी सेंटरों में ड्यूटी लगाने की बात कही।










































