पिछले हफ्ते जिनेवा में 10 अरब डॉलर की मदद मिलने के बाद पाकिस्तान में बेहद खुशी का माहौल था। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की शान में कसीदे गढ़े जा रहे थे। अब इस 10 अरब डॉलर की कथित मदद की सच्चाई सामने आ गई है और इसका खुलासा खुद फाइनेंस मिनिस्टर इशहाक डार ने किया है।
डार के बयान ने प्रधानमंत्री शाहबाज की बात को भी झूठ साबित कर दिया है। खास बात यह है कि शरीफ और उनके साथ गए डेलिगेशन के तमाम दावों और बातों की पोल खुद पाकिस्तानी मीडिया ने ही सबसे पहले खोली। इसके बाद फाइनेंस मिनिस्ट डार के बयान ने मीडिया रिपोर्ट्स की सच्चाई पर मुहर लगा दी। मजे की बात यह है कि सऊदी अरब ने भी शरीफ को झांसा दे दिया।
मांगा खैरात और मिला कर्ज
- पाकिस्तान के सबसे बड़े अखबार ‘द डॉन’ ने एडिटोरियल और एक स्पेशल रिपोर्ट में खुलासा किया कि जिनेवा में पाकिस्तान को जो 10 अरब डॉलर देने का भरोसा दिलाया गया है, वो दान या खैरात नहीं, बल्कि कर्ज है। इतना ही नहीं यह कर्ज भी तीन साल में किश्तों के तौर पर मिलेगा।
- इस खुलासे के बाद प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ, वित्त मंत्री इशहाक डार और कई कैबिनेट मिनिस्टर मीडिया के सामने आए। यहां डार ने कहा- 10 में से 8.7 अरब डॉलर हकीकत में कर्ज है। हमने जिनेवा में बिना शर्त मदद की अपील की थी।
- इससे भी ज्यादा हैरानी की बात डार ने आगे कही। फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा- मैं आपको यह नहीं बता सकता कि यह कर्ज हमें किन शर्तों पर मिलेगा। वहीं, शरीफ ने कहा- उम्मीद है कर्ज की शर्तें ज्यादा सख्त नहीं होंगी। ये पैसा हमें कब तक मिलेगा, इस बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।










































