सड़क हादसे में हुई वन्य प्राणी भालू की मौत

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धापेवाडा बालाघाट मार्ग पर उस समय कौतूहल का विषय बन गया जब धापेवाडा बालाघाट मार्ग से आने जाने वाले वाहन चालकों को एक विशाल का्य भालू रोड किनारे मृत अवस्था में दिखाई दिया , सभी राहगीर रुक-रुक कर भालू को देख रहे थे, तभी पता चला कि भालू की मौत किसी एक्सीडेंट की वजह से हो गई है, उसके बाद राहगीरों द्वारा इसकी सूचना वन विभाग को दी गई ,जिसके बाद वन विभाग द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर भालू के अंतिम संस्कार की कार्रवाई शुरू की गई

आपको बता दे की जिला मुख्यालय से लगे ग्राम धापेवाडा के निकट अंबा माई मंदिर के पास एक भालू की मृत अवस्था में दिखने के बाद में जाने वाले लोगों में कौतूहल का विषय मच गया और वही देखते ही देखते आने जाने वाले लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गई , बताया जाता है कि 15 फरवरी की सुबह भालू रोड क्रॉस करते समय किसी अज्ञात वाहन से टकरा गया है जिसे भालू की मौत हो गयी , ऐसा प्रथम दृष्टिया अनुमान लगाया जा रहा है, जैसे ही इसकी जानकारी राहगीरों द्वारा वन विभाग के अमले को दी गई, वैसे ही विभाग का अमला तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और भालू के अंतिम संस्कार की कार्रवाई शुरू की गई ,वहीं अजय कुमार कुमरे प्रभारी रेंजर लामता द्वारा बताया गया कि उन्हें उनके बीट गार्ड द्वारा सूचना दी गई की रोड किनारे एक भालू मृत अवस्था में पड़ा हुआ है ,जो की धापेवाडा बीट के अंतर्गत आता है और मौके में प्रथम दृष्टिया यह एक्सीडेंट में भालू की मृत्यु होना पाया जा रहा है , उन्होंने यह भी बताया कि भालू के शरीर पर किसी प्रकार के कोई निशान भी नहीं पाए गए हैं, जिससे हत्या का अंदेशा नहीं लग रहा है वही रोड पर खून देखकर यही लग रहा है कि भालू किसी एक्सीडेंट का शिकार हुआ है उन्होंने यह भी बताया कि इस बीट क्षेत्र में वन प्राणियों का विचरण लगा रहता है जिससे यह घटना घटी है ,वन प्राणी रोड क्रॉस करते समय किसी वाहन का शिकार हो गया है, वहीं अब वह इस भालू का पीएम करवा कर उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश अनुसार अग्रिम कार्रवाई करेंगे और प्रथम दृष्टिया यह भालू की मौत एक्सीडेंट ही प्रतीत हो रही है

वाहनों की टक्कर से 6 दिन में तीन वन प्राणी की मौत –

आपको बता दे की यह कोई पहला मामला नहीं है कि वाहनों की टक्कर से भालू की मौत हुई हो यह लगातार एक सप्ताह में तीन वन प्राणियों की मौत वाहनों के टकराने से हुई है कहीं ना कहीं ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वन्य प्राणी की अधिकता ही उनकी मौत का कारण बन रही हो, इसके पहले भी 10 फरवरी को शंकर घाट से बजरंग घाट के बीच वन प्राणी चीतल की मौत ट्रेन के टकराने से हुई थी ,और उसके बाद वन विभाग द्वारा रेलवे विभाग को पत्र भी लिखा गया था कि शंकर घाट से बजरंग घाट के मध्य वन्य प्राणियों की आवाजाही बनी रहती है एवं यहां पर ट्रेन की रफ्तार को कम की जाए जिससे कि वन प्राणियों की मौत ट्रेन से टकराने से ना हो तो वही 15 फरवरी को धापेवाडा बीट में भी डिप्टी रेंजर द्वारा बताया गया कि धापेवाडा बीट अंतर्गत वन्य प्राणियों की अधिकतर आवाजाही बनी रहती है एवं इसी दौरान वन प्राणी भालू द्वारा रोड क्रॉस करते समय किसी अज्ञात वाहन से टकराकर भालू की मौत होना वन विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया है

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