नगर के सब्जी बाजार स्थित कटंगी रोड के पास में राष्ट्रीय गंदी बस्ती योजना के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालय कॉन्प्लेक्स शौचालय एवं स्नानागार का निर्माण बीते कुछ वर्षों पूर्व किया गया था। जिसकी दुर्दशा आज लोगों से देखी नहीं जा रही है जहां पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में लाखों की लागत से बने उक्त सार्वजनिक शौचालय कॉन्प्लेक्स का उपयोग आम जनता करने से कतरा रही है। जिसका मुख्य कारण गंदगी है जिस पर स्थानीय नगरी निकाय के द्वारा किसी प्रकार का ध्यान देकर स्वच्छता अभियान के तहत साफ सफाई नहीं कराई जा रही है। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लाखों की लागत से किया गया था निर्माण
नगर सहित क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत राष्ट्रीय गंदी बस्ती योजना अंतर्गत सार्वजनिक शौचालय कॉन्प्लेक्स का निर्माण स्थानीय नगरपालिका के द्वारा बाजार में करवाया गया था। ताकि दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीण जनों को इसका लाभ मिल सके और उन्हें कहीं भटकना ना पड़े परंतु आज साफ-सफाई के अभाव में लाखों रुपए की लागत से बना सार्वजनिक शौचालय कॉन्प्लेक्स केवल सोभा की सुपारी बना हुआ है।
लोगों को शर्मिंदगी का करना पड़ रहा सामना
यहां यह बताना लाजमी है कि सब्जी बाजार में यह जो शौचालय है उसमें गंदगी के कारण लोग वहां जाना पसंद नहीं कर रहे हैं और इसके अलावा अन्य दूसरा कोई शौचालय मूत्रालय का निर्माण नगर पालिका के द्वारा नहीं करवाया गया है। ऐसे में लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है जिससे लोगो को कई बार शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ता है। इसमें मुख्य रूप से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को है जिन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या अपने घर जाना पड़ता है परंतु ऐसी महिलाएं जो बाहर से सब्जी का व्यापार करने आती है उन्हें परेशानी है। जिसके लिए नगर पालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में की गई थी साफ सफाई
गैरतलब है कि प्रदेश और केंद्र सरकार के द्वारा प्रतिवर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण चलाया जाता है जिसमें स्थानीय निकाय के तहत स्वच्छता के मापदंड का आकलन किया जाता है। इसी कड़ी में स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के तहत मलिन बस्ती योजना अंतर्गत निर्मित सब्जी बाजार के सार्वजनिक शौचालय में साफ सफाई और मरम्मत का कार्य किया गया था जिसके बाद से किसी प्रकार का स्वच्छता सर्वेक्षण उक्त स्थान पर नहीं किया गया है। जिसका गवाह वहां लगे स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के पोस्टर बने हुए हैं जिसके बाद वर्ष 2021 वर्ष 2022 और वर्तमान में वर्ष 2023 चल रहा है जिसका किसी प्रकार से पोस्टर वहां नहीं लगा है।
शौचालय में गंदगी का आलम बना हुआ है – रमेश धारनवार
पूर्व पार्षद रमेश धारनवार ने पद्मेश को बताया कि यह सार्वजनिक शौचालय उस समय बनाया गया था जब वह नगर पालिका में पार्षद और सभापति थे। उस समय अध्यक्ष डॉक्टर योगेंद्र निर्मल थे जो बाजार में आने जाने वाले ग्रामीणों सहित नगर वासियों की सुविधा को देखते हुए बनाया गया था। परंतु उसके बाद कुछ वर्ष चला फिर गंदगी का आलम बना हुआ है जहां पर खड़ा रहना भी दुर्बर है। श्री धारनवार ने बताया कि उक्त सार्वजनिक शौचालय में गंदगी बहुत है जिसके कारण कोई भी अंदर जाने नहीं देखता है। पानी की भी व्यवस्था नहीं है ऐसे में लोगों को परेशानी होती है वह इधर-उधर जगह देखते हैं ऐसे में कई मर्तबा लोगों को शर्मिंदगी का भी सामना करना पड़ता है। हमारी मांग है कि साफ सफाई कर व्यवस्था बनाई जाये।
नियमित साफ सफाई की हो व्यवस्था – अमजद खान
नगरवासी अमजद खान ने बताया कि यह सार्वजनिक शौचालय कई वर्षों से बना हुआ है पर किसी काम का नहीं है। क्योंकि अंदर बहुत गंदगी हो गई है जिस की बदबू हवा के साथ बाहर भी आती है और लोगों को परेशान करती है। जबकि नगरपालिका कर्मचारियों को यहां बात संज्ञान में है फिर भी उनके द्वारा कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है यदि ऐसा ही रहा तो लाखों रुपए की लागत से बनाया यह सार्वजनिक शौचालय खंडार हो जाएगा। श्री खान ने बताया कि यहां पर लोग अंदर जाना पसंद नहीं करते हैं ऐसे में नगरपालिका को चाहिए कि वह नियमित रूप से साफ सफाई करें और एक व्यक्ति अपना बैठाकर रखें। जिससे कि स्वच्छता बनी रहे और लोगों को भटकना ना पड़े।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी दिशा डेहरिया ने पद्मेश को बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण किया जा रहा है जिसके तहत नगर में चारों ओर स्वच्छता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए पूरे नगर का भ्रमण किया जाता है इस दौरान सब्जी बाजार स्थित राष्ट्रीय गंदी बस्ती योजना के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालय कॉम्प्लेक्स संज्ञान में आया है जहां पर गंदगी बनी हुई है। वहाँ साफ सफाई के निर्देश दिए गए है। सुश्री डेहरिया ने बताया कि यह सार्वजनिक शौचालय कांप्लेक्स में साफ सफाई के साथ पानी का जो अभाव बना हुआ है उसके लिए भी प्रयास किया जाएगा कि पानी की व्यवस्था हो। जहां पर एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि स्वच्छता बनी रहे।










































