- Platinum-Gold News: सरकार ने हाल ही में सोने में प्लैटिनम मिलाकर किए जा रहे अवैध आयात को रोकने के लिए प्लैटिनम से बने कुछ उत्पादों के आयात पर पाबंदी लगा दी है। इससे पहले इन वस्तुओं के आयात पर कोई रोक नहीं थी। यह कदम मुख्य रूप से सोने और प्लैटिनम पर लागू शुल्क के अंतर का दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा कि आईटीसी एचएस कोड 71141920 के तहत आने वाली वस्तुओं की आयात नीति को अब ‘मुक्त’ से बदलकर ‘अंकुश’ कर दिया गया है। इस कोड में प्लैटिनम से बने आभूषण और अन्य उत्पाद शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि अब इन वस्तुओं को आयात करने के लिए पहले से अनुमति लेना आवश्यक होगा।
- प्लैटिनम में सोना मिलाकर हो रहा था आयात
- न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विशेषज्ञों के अनुसार, पहले प्लैटिनम मिश्रधातु (अलॉय) के रूप में सोने का आयात हो रहा था, जिसे सरकार ने पहले ही रोक दिया था। इसके बाद, प्लैटिनम के उत्पादों में सोना मिलाकर आयात करने का तरीका अपनाया जाने लगा। इसे रोकने के लिए अब सरकार ने यह नया कदम उठाया है। एक उद्योग विशेषज्ञ ने बताया कि इस प्रकार का अवैध आयात बढ़ रहा था, क्योंकि प्लैटिनम मिश्रधातु पर लागू नियम और शुल्क सोने से अलग थे। कई व्यापारी और आयातक इसका लाभ उठा रहे थे।
- आयात में तेजी, लेकिन अब नियंत्रण
- सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में कीमती धातुओं और उनसे बनी वस्तुओं का आयात बढ़कर 97.5 लाख डॉलर तक पहुंच गया, जो कि 2023-24 की तुलना में लगभग दोगुना है। इस बढ़ोतरी ने सरकार को यह कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारतीय मूल की वस्तुएं अगर विशेष परिस्थितियों में आयात की जा रही हों, तो उन्हें दोबारा आयात की अनुमति दी जाएगी। इनमें शामिल हैं। प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों के लिए भेजी गई वस्तुएं, निर्यात संवर्धन दौरों पर भेजी गई वस्तुएं, अस्वीकृत या लौटाई गई खेप, मरम्मत के लिए भेजी गई वस्तुएं। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि केवल अवैध आयात पर ही अंकुश लगे और व्यवसायिक गतिविधियों में बाधा न आए।
- पिछली नीतियां और वर्तमान कदम
- पिछले साल सरकार ने 99 प्रतिशत से कम शुद्धता वाली प्लैटिनम मिश्रधातु के आयात पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। इसका मकसद वही था। सोने और प्लैटिनम पर लागू शुल्क में अंतर का फायदा उठाकर अवैध आयात को रोकना। विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह नया कदम पहले से अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। क्योंकि अब केवल मिश्रधातु ही नहीं, बल्कि प्लैटिनम से बने कई अन्य उत्पादों के आयात पर भी नियंत्रण रखा गया है।
- उद्योग और व्यापार पर असर
- इस नई पाबंदी से उद्योग में हलचल मची हुई है। कुछ व्यापारी चिंता जता रहे हैं कि इससे प्लैटिनम आधारित उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है। वहीं, कई लोग इसे सही कदम मान रहे हैं क्योंकि इससे अवैध व्यापार पर अंकुश लगेगा और घरेलू उद्योगों को फायदा होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नियमों का पालन सही तरीके से किया गया, तो यह कदम आयात नियंत्रण और घरेलू उद्योग को बढ़ावा देने दोनों में मदद करेगा। सरकार की यह पहल साफ संकेत देती है कि अब वह अवैध आयात और मिक्सिंग जैसी गतिविधियों पर सख्ती से नजर रखेगी। साथ ही, नियमों में दी गई छूट सुनिश्चित करती है कि केवल व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों में बाधा न आए।








































