सस्ते होने वाले हैं स्मार्टफोन? जानें क्या कहता है निर्मला सीतारमण का 2026 बजट

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Union Budget 2026 में सरकार ने स्मार्टफोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े सेक्टर्स के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। इन बदलावों का मकसद एक तरफ मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट घटाना है, तो दूसरी तरफ भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना है। बजट में लिथियम-आयन बैटरी से जुड़े कैपिटल गुड्स, रॉ मटीरियल और स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी में राहत दी गई है। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रैवलर्स के पर्सनल बैगेज पर ड्यूटी घटाने का भी ऐलान किया गया है, जिससे विदेश से लाए जाने वाले स्मार्टफोन्स सस्ते हो सकते हैं।

बजट 2026 में लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले 63 कैपिटल गुड्स को कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट दी गई है। इनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल और मोबाइल फोन बैटरी बनाने से जुड़ी मशीनरी शामिल है। सरकार के मुताबिक, इसका मकसद घरेलू स्तर पर बैटरी प्रोडक्शन की लागत को कम करना है। बजट प्रस्ताव में EV बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए 35 नए कैपिटल गुड्स और मोबाइल फोन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए 28 एडिशनल कैपिटल गुड्स को ड्यूटी-फ्री लिस्ट में जोड़ा गया है।

रॉ मटीरियल की बात करें तो बजट में कोबाल्ट पाउडर और बैटरी वेस्ट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इसके अलावा लेड, जिंक और 12 अन्य अहम मिनरल्स को भी ड्यूटी से छूट दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी कच्चे माल की सप्लाई सुरक्षित होगी और इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी। वहीं लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी को शून्य करने का फैसला रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।

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