डा. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग के अंदर शुक्रवार दोपहर एक बजे के करीब एक मुस्लिम छात्रा द्वारा हिजाब पहनकर नमाज पढ़ी गई। किसी ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला गर्मा गया है। मामले की जानकारी लगते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने कर्नाटक हाईकोर्ट का हिजाब विवाद पर आए फैसले का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी शिकायत की। वहीं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसके साथ-साथ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को लेकर सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में पठन-पाठन के अलावा ऐसी कोई भी गतिविधियां न करें एवं न ही ऐसी गतिविधियों में भाग लें, जिससे विश्वविद्यालय में अनावश्यक साम्प्रदायिक तनाव का महौल निर्मित हो एवं पठन-पाठन का कार्य प्रभावित हो।
शुक्रवार का है मामलाजानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय का यह वीडियो शुक्रवार को करीब डेढ़ बजे इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके वायरल होने के बाद से ही विश्वविद्यालय का माहौल गर्मा गया। वहीं हिंदू संगठनों ने इस मुद्दे पर आक्रोश जताते हुए विश्वविद्याल प्रशासन को शिकायत सौंपी। शिकायत में कहा गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करे। वीडियो में नामज पढ़ने वाली छात्रा बीएससी, बीएड के आठवें सेमेस्टर की है। वह दमोह की रहने वाली है। इस संबंध में कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता और रजिस्ट्रार संतोष सोहगौरा का कहना है कि मामला संज्ञान आने के बाद इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।









































