जिला मुख्यालय के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां रहने वाले लोग सालों से बिजली, सड़क, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। वार्ड क्रमांक-33 में श्मशान घाट के पास बसे करीब 300 परिवार आज भी सुविधाओं की राह ताक रहे हैं। नगर पालिका परिक्षेत्र में रहने के बाद भी ये लोग आज भी कच्ची सड़क से गुजर रहे हैं। मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार को गुजरबसर करने वाले लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, गांधी नगर में करीब 53 मकान हैं, जहां करीब 250 से 300 लोग निवासरत हैं। यहां रहने वाले लोग लंबे समय से जमीन का पट्टा दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार उनकी इस मांग को अनसुना किया जा रहा है। यही वजह है कि 53 मकानों में आज तक सिर्फ 8 परिवारों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल पाया है। इसके अलावा सरकार की अन्य योजनाओं के लिए गांधी नगर वालों को हर बार निराषा हाथ लगती है।
बारिश में होती है सबसे ज्यादा दिक्कत
वार्ड 33 के अंतिम छोर में करीब 18 से 20 साल पहले गांधी नगर बसा था, लेकिन आज तक यहां सुविधाओं की दरकार है। रहवासियों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनों में होती है। स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार मांग करने के बाद दो साल पहले यहां कच्चे रास्ते पर गिटटी गिराई गई थी, लेकिन इसमें न तो डामरीकरण किया गया और न ही इसे सीसी रोड की शक्ल दी गई। बारिष के दिनों में मार्ग कीचड़ से सन जाता है और आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
पानी की नियमित आपूर्ति नहीं
जानकारी के अनुसार, गांधी नगर में नगर पालिका द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन का विस्तार कर नल कनेक्षन दिए गए हैं, लेकिन रहवासियों की मानें तो उन्हें नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। पानी के लिए 4 से 5 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इस संबंध में नगर पालिका में आवेदन भी दिया जा चुका है। जब षिकायत करते हैं तो पानी की सप्लाई की जाती है फिर कुछ दिन बाद स्थिति जस की तस हो जाती है।
गंदगी से सता रहा बीमारी का डर
गांधी नगर में पक्की सड़क के साथ नालियों का भी अभाव देखा जा सकता है। यहां चलने के लिए दो साल पहले गिट्टी को गिराई गई थी लेकिन नाली के लिए आज तक कोई प्रयास नहीं किया गया। घरों से निकलने वाला दूषित पानी घर के आसपास जमा होता हैं, जिसके कारण रहवासियों को बीमारी का डर हमेषा बना रहता है।
दो महीने पहले किया था वादा
रहवासियों ने बताया कि नगर पालिका चुनाव जीतने के बाद नपा अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय पार्षद द्वारा यहां आकर पक्की सड़क और नाली निर्माण करने का वादा किया गया था, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। रहवासियों की मांग रखी कि पहले सड़क और नाली का निर्माण कराया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके।
बार-बार बोलने पर मिली बिजलीः नरेंद्र डहरवाल
सालों से यहां के लोग सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। बार-बार बोलने के बाद यहां बिजली की सुविधा मिली है, लेकिन सड़क, नाली आज तक नहीं बनी है। जमीन के पट्टा दिलाने की बात कहते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि ये आवासी क्षेत्र में नहीं आता। अगर ऐसा है तो यहां बिजली कनेक्षन और नल कनेक्षन क्यों दिए गए।
नरेंद्र डहरवाल, रहवासी
मकान बनाने नहीं मिल रहा पैसाः लीलाबाई राउत
हम 18 साल से यहां रह रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन आज तक राषि नहीं मिली है। इस योजना के तहत यहां सिर्फ 8 मकान ही बन पाए हैं। आज भी हमें कच्चे मकान में रहना पड़ रहा है। बारिश, ठंड, गर्मी हर मौसम में परेशानी उठानी पड़ती है।
लीलाबाई राउत, रहवासी
लिस्ट में नाम है लेकिन फायदा नहीं मिलाः छाया चंदेल
यहां सबसे बड़ी जरूरत सड़क और नाली की है। इसके अलावा पीएम आवास योजना के तहत जब हम नगर पालिका जाकर लिस्ट देखते हैं तो उसमें लगभग सभी लोगों का नाम है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है, जिसके कारण हमें योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। हर बार हमें अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आश्वासन ही मिल रहा है।
छाया चंदेल, रहवासी
इंतजार के सिवा कोई विकल्प नहींः श्याम मर्सकोले
कच्ची सड़क होने के कारण कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। जब भी अधिकारियों से मिलते हैं, जल्द सब काम हो जाएंगे कहकर दिलासा देते हैं, लेकिन आज तक न सड़क बनी और न ही नाली। इतना ही नहीं पटटे भी नहीं मिल सके हैं। हमारे पास गांधी नगर के विकास के लिए इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
श्याम मर्सकोले, रहवासी










































