सिंचाई के लिए नहर से पानी नहीं मिलने से आक्रोशित किसानों का गुस्सा शुक्रवार को फूट गया।बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए गए दो बैरिकेड को तोड़ते हुए एसडीएम दफ्तर का घेराव कर दिया।यहां करीब 2 घंटे तक किसान हंगामा करते रहे।बाद में मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारी के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने आक्रोशित किसानों को रविवार से पर्याप्त पानी मिलने का आश्वासन दिया।इसके बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ।
एक दिन पहले दी थी दफ्तर घेरने की चेतावनी
भीमगढ़ बांध दायीं तट कैनाल उप संभाग क्रमांक 5 के क्षेत्र से लगे किसानों ने एक दिन पहले चांदनी चौक में धरना प्रदर्शन किया था।इस दौरान उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय घेरने की चेतावनी दी थी।इस चेतावनी के बाद भी जब शुक्रवार को भी सिंचाई के लिए नहर से पर्याप्त पानी नहीं मिला तो आक्रोशित किसानों ने तय कार्यक्रम के अनुसार एसडीएम कार्यालय का घेराव कर दिया।ADVERTISING
किसानों को रोकने लगाए थे बैरिकेड
किसानों द्वारा दी गई चेतावनी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए थे।जानकारी के अनुसार पुलिस ने रेलवे पुल के पास व कन्या स्कूल के सामने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे।वही बड़ी संख्या में एकत्रित हुए किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया।इस दौरान एसडीएम कार्यालय में पुलिस बल मौजूद रहा।
सिवनी से पहुंचे अधिकारी
एसडीएम कार्यालय में एसडीएम के नहीं होने पर कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में सिवनी से सिंचाई विभाग के सहायक यंत्री के अलावा तहसीलदार हरीश लालवानी, आरएस शर्मा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाइश दी।अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि रविवार के दिन से उन्हें पर्याप्त पानी मिलने लगेगा।हालांकि इस दौरान किसानों ने अधिकारियों की एक नहीं मानी और पर्याप्त पानी नहीं देने के आरोप लगाए।बाद में अधिकारियों द्वारा समझाने के बाद वे शांत हुए।
मामा के राज में परेशान हो रहा है किसान
इस दौरान किसानों ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (मामा) के राज में किसान परेशान हो रहे हैं।बार-बार मांग करने के बाद भी किसानों की समस्या की ओर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।किसानों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीते 17 जनवरी से लगातार किसान सिंचाई के लिए नहर से पानी की मांग करते चले आ रहे हैं।31 जनवरी, 3 फरवरी व 1 फरवरी को भी पानी की मांग के लिए निवेदन किया गया था।इसके बाद भी अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं किया।इसी कारण मजबूरी में उन्हें धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम कार्यालय घेरने के लिए बाध्य होना पड़ा है।किसानों ने बताया है कि गेहूं की फसल को इस समय आखिरी पानी की आवश्यकता है।यदि फसल को पानी नहीं मिला तो उत्पादन पर इसका असर पड़ेगा, जिससे किसानों को नुकसानी का सामना करना पड़ सकता है।किसानों ने कहा कि रविवार के दिन से यदि उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिला तो वे फिर आंदोलन करने के लिए बाद होंगे।










































