सूखे के कारण यहां बेटियां ब्याहने से कतराते थे, अब जल स्वाबलंबन में मिसाल बन गई पंचायत

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सूखे कुएं, रीते तालाब, दूर-दूर तक हरियाली का नामो निशान नहीं। पांच साल पहले बड़ेरा भारस पंचायत के पांच गांवों में यही तस्वीर थी। यहां लोग अपनी बेटियां ब्याहने से कतराते थे। वजह, गांव की महिलाओं को दो किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाना पड़ता था। तब इस पंचायत की सरपंच सर्वदी सिंह ने ग्रामीणों को साथ लेकर वर्षा जल को गांव में ही रोकने के प्रयास शुरू किए। जिला पंचायत के अफसरों को पंचायत की परेशानियों से अवगत कराया। सरकारी मदद और ग्रामीणों की मेहनत का नजीता यह है किआज यह पंचायत जल स्वाबलंबन की नई कहानी लिख रही है। पंचायत के तहत आने वाले सभी पांच गांवों में भूजल स्तर 40 फीट पर आ गया है, जो 2017-18 में 140 फीट तक चला गया था।

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ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील की ग्राम पंचायत बडेराभारस के ग्रामीणों ने पंचायत के माथे से सूखे का कलंक मिटाने के लिए ‘गांव का पानी गांव में’ की सीख पर अमल करना शुरू किया। सबसे पहले गांव-गांव जाकर टोलिया बनाई। जनजागरण कर ग्रामीणों को खेत तालाब, मेढ़ बंधान, पौधारोपण के फायदे गिनाए। सरंपच कहती हैं किपंचायत का सबसे बड़ा ग्राम तोड़ा है, जिसकी आबादी 759 है, जल संकट से उबरने की पहल इसी गांव से हुई। देखते ही देखते पांचों गांवों के लोग जुड़ते चले गए। अब इस पंचायत में अब सिंचित क्षेत्रफल 332 हेक्टेयर हो गया है। पहले पंचायत की तीन हजार की आबादी के लिए मात्र एक जलरुाोत सिर्फ एक कुआं था। यहां से ग्रामीण पानी भरकर ले जाते थे। हर साल नए कार्य जोड़ना शुरू किया गया। अब यहां दो तालाब, दो खेत तालाब, नौ चेकडैम, 50 टयूबवेल, 15 कूप हो गए हैं।

अब साल में दो फसल ले रहे ग्रामीण

सरपंच सर्वदी सिंह ने बताया किपहले ग्रामीण एक फसल ही बड़ी मुश्किल से ले पाते थे। अब किसान दोनों सीजन में फसल कर रहे हैं। यही नहीं फल और सब्जी की पैदावार होने से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आया है। किसानों के पास अपने ट्रेक्टर हो गए हैं। मकानों को पक्का करा लिया है। ग्रामीणों की स्थिति बदलने में मनरेगा का बड़ा योगदान रहा। मिशन बतौर किया गया पौधारोपण भी कारगर रहा।

यह काम हुए: मिली सूखे से मुक्ति

_पंचायत में वर्ष 2020_21 में नौ चेकडैम, तीन नाला डायवर्सन, दो तालाब, दस सामुदायिक मूलक पौधारोपण, 139 मेढ़ बंधान, एक मियावाकी वृक्षारोपण किया गया। वहीं वर्ष 2021_22 में छह लूज बोल्डर, दो खेत तालाब निर्माण, एक पोषण वाटिका तैयार की गई।

कथन

भितरवार की बडेरा भारस पंचायत में जल स्वाबलंबन को लेकर बेहतर कार्य हुए हैं। गांव के लोगों ने इसमें काफी मेहनत की और पंचायत ने सहयोग किया। पहले 140 फीट तक भूजल नहीं था, अब चालीस फीट पर पानी मिल रहा है। लोगों ने मिशन बनाकर काम किया। यह पंचायत दूसरे गांवों के लिए मिसाल बनकर उभरी है।

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