हम वंशानुगत मछुवारों को किसी भी समिति में नही किया गया शामिल

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट। भरवेली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मानेगांव से, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे 12 मछुआरे परिवार के सदस्यों ने मछुआ सहकारी समिति में नाम जोड़े जाने की मांग की।ग्राम मानेगांव के मछुवारे परिवार का आरोप है कि उनके गांव को छोड़कर दो समिति बालाघाट और सुरवाही के मछुवारों के बीच कार्य क्षेत्र का बटवारा कर दिया गया है।जबकि उनके गांव के किसी भी वंशानुगत मछवारो को दोनो ही समितियों में शामिल नही किया गया है।जिससे उनके गांव के मछुवारे मत्स्यखेट नही कर पा रहे है।और वे बेरोजगारी में जिंदगी गुजार रहे है। जिसके चलते उन्होंने किसी भी समिति में उनके परिजनों को जोड़कर रोजगार दिए जाने की मांग की है।

समिति में नहीं है नाम इसीलिए नहीं मिल रहा काम
मानेगांव से आए मछुवारों का आरोप है कि 2 समिति बालाघाट और सुरवाही दोनो में उनके गांव के किसी भी मछुवारे को शामिल नही किया गया है।बालाघाट का कार्यक्षेत्र भरवेली, और सुरवाही का कार्यक्षेत्र सुरवाही तक है,ऐसे में केवल मानेगांव ही एक ऐसा गाँव है, जो दोनों ही मछुआ कार्यक्षेत्र से बाहर है। यहां निवासरत मछुआ जाती समुदाय से आने वाले परिवारों की समस्या है कि समिति में उनका नाम नहीं होने से उनके पास कम नहीं है।

कई बार लगा चुके हैं गुहार, नहीं हो रही सुनवाई- कृष्णा
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे मानेगांव के मछुवारे कृष्णा सोनवाने ने बताया कि गांव के 12 परिवारों के सामने काम नहीं होने से जीवन में आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यदि कार्यक्षेत्र से बाहर मानेगांव के मछुआरे परिवार के सदस्यों को बालाघाट या सुरवाही मत्स्य समिति से जोड़ा जाता है तो हमे भी साल भर काम मिलेगा और हो रही आर्थिक समस्या से निजात मिलेगी।उन्होंने बताया कि बालाघाट समिति 5 किलोमीटर और सुरवाही समिति एक किलोमीटर दूर है। कलेक्टर निर्देश जारी करे तो हमें, समिति में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अपनी इस मांग को लेकर वे कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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