हर्षोल्लास के साथ मनाई गई माता रमाताई आंबेडकर जयंती

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।जिला मुख्यालय सहित अन्य तहसील व ग्रामीण अंचलों में शनिवार 7 फरवरी को त्याग मूर्ति माता रमा ताई आंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जहां जगह जगह विभिन्न संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किए गए।जहा कार्यक्रमों के दौरान माता रमा ताई द्वारा समाज महिलाओं के उत्थान व देश के लिए किए गए कार्यों का बखान किया गया।तो वहीं उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलने और उनकी जीवनी का अनुसरण करने की शपथ ली गई ।त्यागमूर्ति माता रमाई आंबेडकर की 129 वी जयंती पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन पदाधिकारियों के नेतृत्व में नगर के आम्बेडकर चौक में जयंती समारोह का आयोजन किया गया।जहां उपस्थित पदाधिकारियों सदस्यों व सामाजिक बन्दुओ ने सर्वप्रथम डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका जयघोष किया तो वही माता रमा ताई के छाया चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।जिसके उपरांत जयंती के अवसर पर माता रमा ताई के छाया चित्र के समीप मोमबत्ती प्रज्वलित की गई ।जहां भीम आर्मी पदाधिकारियो द्वारा केक काटकर त्यागमूर्ति माता रमा बाई आम्बेडकर की जयंती मनाई गई।ततपश्चात कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने माता त्यागमूर्ति रमा ताई आंबेडकर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए समाज को संगठित करने सहित विभिन्न विषयों पर संबोधित किया।जिसमें उन्होंने समाज व देश को सशक्त बनाने और संगठन द्वारा आगामी समय में समाज के लिए किए जाने वाले विभिन्न कार्यों का बखान किया।।इसके अलावा चौक से गुजरने वाले रहागिरो को फलों का वितरण कर जयंती विशेष की शुभकामनाएं दी गई।वही अन्य कार्यक्रमों के आयोजन कर जयंती समारोह का समापन किया गया।

माता राम ताई के विचारों को घर-घर तक पहुंचाएं-
अनामिका मेश्राम
आयोजित कार्यक्रम को लेकर की गई चर्चा के दौरान भीम आर्मी भारत एकता मिशन कोषाध्यक्ष अनामिका अभिषेक मेश्राम ने बताया कि आज बड़े हर्ष का विषय है, कि आज 7 फरवरी को श्रद्धेय माता रमई ताई की जयंती है। उन्होंने ही बाबा साहेब अंबेडकर को बाबा साहब बनाने में अपना अहम योगदान दिया और इन्हीं के अथक प्रयासों के चलते बाबा साहब ने कई संघर्षों को बड़ी सफलता से प्राप्त किया।आज उन्हीं की जयंती सामूहिक तौर पर सामाजिक बन्धुओ के साथ मनाई जा रही है। आज उद्बोधन के दौरान सामाजिक बन्धुओ को बताया गया है कि वे रमाताई के इतिहास को पढ़ें, उन्हें जाने और उनके बताएं मार्ग और उपदेशों को घर-घर पहुंचाएं।उन्होंने बताया कि माता रमाताई का जीवन बहुत ही त्यागपूर्ण, संघर्षपूर्ण साहस मय और बलिदान पूर्वक बीता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज, खासतौर पर महिलाओं के उत्थान के लिए निछावर कर दिया। आज जयंती विशेष पर उन्हीं के बलिदान को याद किया जा रहा है।

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