असत्य पर सत्य की जीत, अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक विजयदशमी पर्व बुधवार को जिला मुख्यालय सहित अन्य ग्रामीण अंचलों में धार्मिक परंपराओं, पूर्ण विधिविधान के अनुसार विजयादशमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जहा इस पर्व मे विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन कर अहंकार रूपी रावण के पुतले का प्रभु श्रीराम के प्रतीक द्वारा वध कर दहन किया गया ।इसी कड़ी में जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भरवेली के हीरापुर में श्री रामकृष्ण बजरंग मंदिर विष्णु धाम इमली टेकरा में भी इस पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया।जहां विष्णु धाम इमली टेकरा मंदिर से चलसमारोह निकाला गया जो जय श्रीराम और जय वीर महावीर के नारों के साथ इमली टेकरा मंदिर से भरवेली मैदान पहुँचा। जहां अहंकारी स्वरूप 55 फीट रावण के पुतले का दहन किया गया।
चल समारोह रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र
भरवेली के हीरापुर स्थित श्री रामकृष्ण बजरंग मंदिर विष्णु धाम इमली टेकरा परिसर में आयोजित इस विजयदशमी पर्व पर निकाला गया चल समारोह मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा। मन्दिर प्रागण में भरवेली निवासी यशवंत मुरारी बेरमेया के सुपुत्र रवि बेरमेया ने 40 किलो का मुकुट व हनुमान का चोला धारण कर चल समारोह में भाग लिया।जिन्होंने झांकी रथ पर विराजमान भगवान राम ,लक्ष्मण, और बाल हनुमानजी का आशीर्वाद ग्रहण कर चल समारोह की शुरुवात की। इमली टेकरा से निकाला गया यह चल समारोह हीरापुर चौक होते हुए, मुंडी माई, भरवेली मायल दुर्गा चौक मैदान पहुँचा।जहां अहंकारी स्वरूप 55 फीट रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान लोग एक दुसरे को विजयादशमी पर्व की बधाई देते नजर आए।
आकर्षक रथ पर निकाली गई भगवान राम लक्ष्मण,और बाल हनुमान की झांकी
भरवेली के हीरापुर इमली टेकरा में आयोजित इस चल समारोह में भगवान राम लक्ष्मण,और बाल हनुमान की झांकी आकर्षक रथ पर निकाली गई।जिसमें हीरापुर निवासी सावेंद्र लिल्हारे के सुपुत्र रोनक लिल्हारे भगवान राम के अवतार में नजर आए, तो वही हीरापुर निवासी सीताराम मांद्रे के सुपुत्र चेतेश मांद्रे लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई दिए। जिन्होंने इस चल समारोह में निकाली गई झांकी में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की। आकर्षक झांकी के साथ निकाले गए चल समारोह में रवि बेरमेया ने
हनुमान का चोला धारण कर कार्यक्रम में भाग लिया।जिन्होंने चल समारोह के दौरान रास्ते मे पड़ने वाले हीरापुर शिव मंदिर,हनुमान मंदिर,मुंडीमाई स्थित दुर्गा मंदिर,मुंडीमाई मन्दिर, नया राम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा कर शीश नमन कर भगवान का आशीर्वाद लिया।जहां भरवेली दुर्गा मैदानआकर पिछले 11 वर्षों से चली आ रही परंपरा को निभाते हुए अहंकारी स्वरूपी रावण के पुतले का दहन किया गया।
भरवेली दुर्गा मैदान मे रावण दहन देखने उमडा जन सैलाब
बात अगर दशहरा पर्व पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की करें तो दशहरा पर्व पर भरवेली दुर्गा मैदान में भव्य रुप से कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है लेकिन पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासनिक अनुमति ना मिलने से गत वर्ष भरवेली में चल समारोह का आयोजन नहीं हुआ था। जहां इमली टेकरा मंदिर परिसर से एक झांकी निकाली गई थी, जो भरवेली मैदान से वापस इमली टेकरा मंदिर परिसर स्थित मैदान पहुंची थी जहां अहंकारी स्वरूपी 15 फिट के रावण के पुतले का दहन किया गया था। लेकिन इस वर्ष पूर्ण संख्याओं में जैसी कोई बात ही नहीं है इसीलिए भरवेली दुर्गा मैदान में इस पर वह का भव्य आयोजन किया गया ।जहाँ प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी भरवेली में चल समारोह का आयोजन धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ किया गया। जहां दुर्गा मैदान में 50से 60 फिट रावण का पुतला बनाकर इमली टेकरा परिसर से चल समारोह का आयोजन हुआl जहां भव्य चल समारोह में शामिल लोग विभिन्न मार्गों का गस्त करते हुए भरवेली दुर्गा मैदान पहुंचे। जहां अहंकारी स्वरूपी रावण के पुतले का दहन किया गया। इस अवसर पर भरवेली दुर्गा मैदान में विजयदशमी पूर्व पर भारी भीड़ नज़र आई। वही मैदान परिसर में लगी विभिन्न दुकानो मे भी जन सैलाब उमडा दिखाई दिया नदारत रही।










































