- US Iran News: अमेरिका, दुनिया के लिए ईंधन का एक अहम सप्लायर बनकर उभरा है। मार्च में, जब ईरान युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली सप्लाई रुक गई थी, तब अमेरिका से रिफाइंड प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इससे एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है: क्या वॉशिंगटन इस भू-राजनीतिक संकट से आर्थिक फायदा उठा रहा है, जबकि दुनिया भर के बाजार इससे जूझ रहे हैं?
- इसको आप ऐसे भी समझ सकते गैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिखावे की परेशानी दिखा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने गुरुवार सुबह एक बड़ा बयान दिया, वो ये कि जिसका काम होर्मुज के रास्ते से पड़ता है, वो देश ही चिंता करें। उन्होंने कहा कि होर्मुज खुलवाना उनका काम नहीं, जिनकी सप्लाई वहां से आती है, वह खुद देखें तो क्या ट्रंप केवल पहले दिखावे के लिए ईरान पर दबाव डाल रहे थे कि वह यह रास्ता खोल दे? क्योंकि हकीकत तो ये है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद से अमेरिका का व्यापार नए मुकाम पर पहुंच गया है।
- Kpler के डेटा से पता चलता है कि मार्च में अमेरिका से साफ पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स — जिनमें गैसोलीन, डीजल, जेट फ्यूल और नैफ्था शामिल हैं, इसका एक्सपोर्ट बढ़कर लगभग 3.11 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) हो गया। यह फरवरी के लगभग 2.5 मिलियन bpd के आंकड़े से काफी ज्यादा है, और 2017 में रिकॉर्ड रखना शुरू होने के बाद से यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।







































