लालबर्रा (पद्मेश न्यूज)। नगर मुख्यालय के बालाघाट रोड़ स्थित विश्राम गृह में लालबर्रा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं किसानों ने संयुक्त रूप से ७ अक्टूबर को प्रेसवर्ता आयोजित कर केन्द्र एवं प्रदेश सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं के द्वारा विभिन्न मंचों के माध्यम से किसानों को ३१०० रूपये धान का समर्थन मूल्य, २४ घंटा बिजली सहित किसानों के हित में अनेक वादे किये गये थे और म.प्र. के किसानों के द्वारा नेताओं की बातों पर विश्वास करते हुए १६३ विधानसभा सीट जीताकर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाया तो वही दुसरी ओर लोकसभा चुनाव में २९ की २९ सीटे भाजपा की झोली में डाल दी गई है परन्तु केन्द्र व प्रदेश सरकार किसान के हित में कोई फैसले नही ले रही है। बल्कि किसान विरोधी फैसले लेकर उन्हे परेशान करने का काम रही है। साथ ही यह भी कहा कि फीडर फैडरेशन के तहत ८ घंटा बिजली किसानों को देने की बात कही जा रही है जबकि हमारा बालाघाट जिले की भौगौलिक स्थिति अन्य जिलों की अपेक्षा अलग है। यहां एक धान उत्पादक जिला है, धान उत्पादन के लिए २४ घंटे बिजली की आवश्यकता होती है लेकिन सरकार महज ८ घंटे किसानों को बिजली प्रदाय कर रही है जिससे उनकी फसल प्रभावित हो रही है। साथ ही किसानों को धान का समर्थन मूल्य ३१०० भी नही मिल रहा है जिससे किसानों में सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है इसलिए सभी किसान एवं जनप्रतिनिधि दलगत भावना से ऊपर उठकर एकजुट होकर ८ अक्टूबर को दोपहर १२ बजे से जाम के बाजार चौक में विशाल किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। जिसमें जिले के ६ विधायक, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेगें जिनके प्रमुख आतिथ्य में यह कार्यक्रम संपन्न होगा। साथ ही यह भी कहा कि सभी जनप्रतिनिधि एवं किसान एकजुट होकर किसानों की हित की लड़ाई लडऩा है ताकि किसानों को २४ घंटे बिजली एवं धान का समर्थन मूल्य ३१०० रूपये मिलना चाहिए नही तो सरकार के विरोध मेें आंदोलन करने की बात कहीं।










































