ऑल इंडिया यूनियन बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव ने श्री वार्षिक अधिवेशन को संबोधित किया उन्होंने कहा कि बैंकों में एक लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं ।इन पदों को भरने के लिए एसोसिएशन जल्द ही आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा बैंकों की खराब हालत के लिए कारपोरेट जिम्मेदार हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि जो कर्जदार जानबूझकर ऋण नहीं चुकाता है। उसे दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाया जाना चाहिए। ऐसे लोगों को अपराधी घोषित किया जाए।
होशंगाबाद रोड स्थित एक निजी गार्डन कैंपस में हुए अधिवेशन में केंद्र सरकार की निजी करण नीति को भी जनविरोधी बताया। बैंकों में रिक्त पदों की भर्ती और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन चलाने का संकल्प अधिवेशन में लिया गया।










































