10 दिनों से हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं का फूटा गुस्सा

0

वर्षों से लंबित अपनी विभिन्न सूत्रीय मांगों को लेकर 15 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आंगनबड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की मांगों पर अब तक शासन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जहां अनिश्चितकालीन हड़ताल के 10 दिन बीत जाने के बाद भी मांगों पर सुनवाई ना होने से नाराज धरने पर बैठे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं का शनिवार को गुस्सा फूट पड़ा जिन्होंने जहां एक ओर धरना स्थल पर अपनी लंबित मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की, तो वहीं उन्होंने शासन प्रशासन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए एक रैली निकालकर नगर के बस स्टैंड रानी अवंती बाई चौक में मानव श्रृंखला बनाकर सांकेतिक चक्काजाम कर दिया। जहां मानव श्रृंखला बनाने से रानी अवंती बाई चौक का यातायात कुछ देर के लिए प्रभावित हो गया। जहां चौक पर यातायात ठप कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की और नगर पुलिस निरीक्षक को ज्ञापन प्रेषित किया। जहां हड़ताली कर्मचारियों ने उनकी मांग पूरी ना होने तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखने और आगामी चुनाव में किसी भी पार्टी को वोट ना करने की चेतावनी दी है

15 मार्च से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल
आपको बताएं कि विगत 15 मार्च से आंगनबाड़ी सहायिका, कार्यकर्ता, सीपीडीपीयू संघ सहित सुपरवाइजर के द्वारा हड़ताल की जा रही है जहां रोजाना ही सरकार को जगाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रयास किया जा रहा है लेकिन सरकार के द्वारा अभी तक उनकी मांगों पर किसी प्रकार का अमल नहीं किया गया है जहां हड़ताल कर्मियों की सब्र का बांध टूटते हुए नजर आया और हड़ताल कर्मियों के द्वारा स्थानीय अवंती बाई चौक में मानव श्रंखला बनाकर चक्का जाम किया जिससे राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानी हुई। वहीं नगर पुलिस अधीक्षक अंजूल अयंक मिश्रा को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौप जल्द से जल्द मांगों का निराकरण करने की मांग की गई है।

जनप्रतिनिधियो का बहिष्कार करने की बनाई रणनीति
वर्षों से लंबित अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं सहायिकाओं सहित अन्य ने जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार करने की भी रणनीति बनाई है। जिन्होंने स्पष्ट किया है कि वह आगामी चुनाव में सभी जनप्रतिनिधियों का बहिष्कार करेंगे।
हड़ताली कर्मचारियों का आरोप है कि हम भी एक वोटर्स है जनता ही जनप्रतिनिधि को चुनती है और जनप्रतिनिधि तभी बनता है जब जनता चाहती है अगर ऐसे जनप्रतिनिधि जो किसी के काम नहीं आते और उनकी समस्या को सुध लेने नहीं आते तो ऐसे जनप्रतिनिधि होने का कोई फायदा नहीं हम ऐसे जनप्रतिनिधि को अगले विधानसभा चुनाव में बिल्कुल मौका नहीं देंगे और हम खुलकर आगामी विधानसभा चुनाव का सभी बहनें मिलकर और परिवार के सभी सदस्य मिलकर बहिष्कार करेंगे।

तो हड़ताली कर्मचारी और उनके परिजन किसी भी पार्टी को वोट नहीं करेंगे- योगिता कावड़े
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान मध्य प्रदेश बुलंद आवाज नारी संगठन जिला अध्यक्ष योगिता कावड़े ने बताया है कि 15 मार्च से हड़ताल की जा रही है लेकिन मौके स्थल पर ना ही कोई प्रशासनिक अधिकारी आया ना ही कोई जनप्रतिनिधि आया है भीषण गर्मी में भी बहने हड़ताल कर रही है लेकिन अपने आपको हमारा भाई बताने वाले शिवराज जी चौहान भी हमारी कोई सुध नहीं ले रहा है, अगर जल्द से जल्द हमारी मांगों का कोई निराकरण या उचित हल नहीं निकलता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में हड़ताल कर्मियों के साथ साथ जो भी उनके परिवार में जितने भी सदस्य हैं कोई भी किसी भी पार्टी को वोट नहीं करेगा सामूहिक रूप से हम सभी पार्टियों का विरोध करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here