गायत्री मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा रसोत्सव के प्रथम दिन 12 नवंबर को श्री राम मंदिर से 108 कलशों की शोभायात्रा निकाली गई जिसका समापन गायत्री मंदिर में किया गया। विदित हो कि नगर में पहली बार 108 भागवत कथा का आयोजन किया गया है जो 12 नवंबर से प्रारंभ होकर 18 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न प्रकार के आयोजन किए जाने हैं जिसके तहत नगर के प्राचीन और ऐतिहासिक बड़ा श्री राम मंदिर से कथा प्रारंभ के प्रथम दिन भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें 108 कलश लेकर यजमान निकले जिन्होंने नगर के विभिन्न चौक चौराहों और गलियों का भ्रमण कर जय स्तंभ चौक पहुंचे जहां से लालबर्रा रोड होते हुए गायत्री मंदिर में शोभायात्रा का समापन किया गया। इस दौरान रथ पर भगवान कृष्ण और माता रुक्मणी के जीवंत झांकी आकर्षण का केंद्र रही वही एक रथ पर भगवान श्री धाम वृंदावन के रसिया भागवताचार्य श्री हित ललित वल्लभ नागार्च विराजित थे जिनके साथ करीब 108 से अधिक ब्राह्मण गणों का जत्था आकर्षण का केंद्र रहा जिन्होंने पूरे नगर का भ्रमण किया। शोभायात्रा समापन के पश्चात 108 निर्धारित यजमानो की 108 ब्राह्मणों के द्वारा विधि विधान से मूल पाठ पूजा संपन्न कराई गई। तत्पश्चात श्रीमद्भागवत महोत्सव प्रसंग सूत शौन कादिक मुनि संवाद के साथ प्रारंभ किया गया। जिसमें श्रीधाम वृंदावन से पधारे रसिक भागवताचार्य श्री हित ललित वल्लभ नागार्च के द्वारा व्यास आसन से श्रीमद् भागवत कथा का रसमय वाचन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उक्त कार्यक्रम का जमकर आनंद लिया। इसी प्रकार 13 नवंबर को श्रीमद् भागवत रचना, देव ऋषि नारद, पूर्व जन्म प्रसंग, कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति, राजा परीक्षित जन्म, शुकदेव मुनि आगमन की कथा सुनाई जायेगी। 14 नवंबर को कपिल देवहूती संवाद, भरत चरित्र, भारत महिमा वर्णन, प्रहलाद चरित्र एवं नरसिंह अवतार की कथा सुनाई जायेगी। 15 नवंबर को गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्री राम अवतार, श्री कृष्ण जन्म एवं नंद उत्सव मनाया जायेगा। 16 नवंबर को श्री राधा जन्म, श्री कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजन एवं छप्पन भोग लगाये जायेगे। 17 नवंबर को रास पंचाध्यायी, महारास लीला, मथुरा गमन, कंस वध, उद्धव गोपी संवाद एवं श्री कृष्ण रुक्मणी मंगल विवाह प्रसंग सुनाया जायेगा। वही कथा के अंतिम दिवस 18 नवंबर को सुदामा चरित्र, श्री कृष्ण उद्धव संवाद, शुकदेव पूजा श्रीमद्भागवत संक्षिप्त विषय अनुक्रमणिका एवं संकीर्तन के पश्चात दोपहर 2:00 से महाप्रसादी का वितरण किया जायेगा। विदित हो कि सकल जन समाज के बैनर तले यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें जिले के सभी धर्मावलंबियों से इस कथा उत्सव में शामिल होकर धर्म लाभ उठाने की अपील आयोजक मंडल के द्वारा की गई है।










































