परसवाड़ा थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम जलगांव डेम से एक नर कंकाल बरामद किया गया। इस कंकाल की शिनाख्त 3 माह से लापता व्यक्ति धीरज पिता मत्थु अड़मे 54 वर्ष ग्राम जलगाव निवासी के नाम से की गई।इस व्यक्ति की मौत संदिग्ध बनी हुई है। इस व्यक्ति ने डैम में कूदकर आत्महत्या की या फिर हत्या कर उसकी लाश इस डेम में फेकी गई है अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है ।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होने की संभावना है। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धीरज अड़मे अपने परिवार के साथ खेती किसानी करता था। 10 वर्ष पहले धीरज अड़मे की पत्नी की मौत हो चुकी है और पिछले वर्ष उसका एकलौता बेटा संतोष की बीमारी से मृत्यु हो चुकी है। दो बेटी में एक बेटी की भी मौत हो चुकी है। धीरज अड़मे अपनी बहन और विधवा बहू सरिता के साथ रहता था और खेती किसानी करता था। बताया गया है कि पिछले वर्ष 10 अक्टूबर 2022 की शाम 5:00 बजे करीब धीरज अड़मे अपने घर से ग्राम कनारी जाने निकला था किंतु वह कनारी नहीं पहुंचा और घर वापस नहीं आया। परिवार वालों ने धीरज अड़मे की काफी खोजबीन की जिसके नहीं मिलने पर परसवाड़ा थाने में उसके गुम होने की रिपोर्ट की थी। 13 जनवरी को जलगांव डैम में एक नर कंकाल देखा गया जिसकी सूचना 1:00 बजे करीब परसवाड़ा थाने में दी गई जहां से उपनिरीक्षक राजधर दुबे ने जलगांव डैम पहुंचकर नर कंकाल को बाहर निकलवाया। कपड़ों के आधार पर इस कंकाल की पहचान 3 माह से लापता धीरज पिता मत्थु अड़मे 54 वर्ष ग्राम जलगांव निवासी के नाम से की गई इस व्यक्ति ने जलगाव डेम में कूदकर आत्महत्या की या फिर उसकी हत्या करने के बाद लाश जलगांव डैम में फेकी गई। यह स्पष्ट नही हो पाया । उपनिरीक्षक श्री दुबे ने मृतक धीरज अड़मे की लाश का मौके पर ही पोस्टमार्टम करवाकर उसकी लाश कफन दफन करवा दिए और मृत्यु का सही कारण जानने के लिए टाइटन टेस्ट के अलावा डीएनए टेस्ट किया जा रहा है जिससे धीरज अड़मे की मृत्यु किस वजह से हुई स्पष्ट होने की सम्भावना है । आगे मर्ग जांच उपनिरीक्षक श्री दुबे द्वारा की जा रही है।










































