मुस्लिम समाज के लोगों पर 5 फर्जों की अदायगी अनिवार्य की गई है जिसमें माहे रमजान के रोजे रखना भी एक अहम फर्ज है ।और अपने इसी फर्ज की अदायगी के लिए प्रतिवर्ष मुस्लिम समाज के लोग माहे रमजान में 30 दिनों तक रोजा रख एक अल्लाह की इबादत करते हैं और उसका शुक्र अदा करते हैं इस वर्ष माहे रमजान का आगाज 13 अप्रेल मंगलवार शाम से हो चुका है ।
जिसका पहला रोजा बुधवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा रखा गया। जहा रोजदारों ने 38 डिग्री अधिकतम तापमान में करीब 14 घण्टे निर्जल रहकर एक अल्लाह की इबादतें की। वही कोरोना से निजात और दुवाए खैर कर माहे रमजान का पहला रोजा इफ्तार किया
रमजान के इस मुबारक मौके पर नगर में कई अन्य जगहों पर भी बच्चों ने अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा। जिसमे वार्ड नं 9 नवाब नगर निवासी हाफ़िज नसीमुद्दीन के 5 वर्षीय सहाबजादे मोहम्मद दानिश के नाम का भी समावेश है।
14 अप्रेल की तरहा ही पूरे एक महीने तक मुस्लिम समाज के लोग रमजान के रोजे रख इस माहे रमजान को बिताएंगे वही ठीक एक माह बाद चाँद की तस्दीक कर ईद का त्यौहार मनाया जाएगा।










































