5 महीने बाद गाईडलाइन के तहत खोले गए चर्च

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बालाघाट (पदमेश न्यूज़)। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मार्च महीने के अंत में बंद किए गए चर्च अनलॉक 4के तहत 5 महीने बाद खोल दिए गए है। लेकिन चर्च में प्रार्थना के लिए आने वाले लोगों को शासन की गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य किया गया है जिसके तहत चर्च प्रबंधन द्वारा एक बैठक का आयोजन कर तमाम इंतजाम कर लिए गए हैं जिसमें चर्च में आने वाले लोगों को अनिवार्य मास्क, सैनिटाइजर, आवश्यक शारीरिक दूरी सहित अन्य बातों का ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को चर्च में सशर्त आने की अनुमति प्रदान की गई है। वही चर्च को प्रार्थना के पहले और प्रार्थना के बाद सैनिटाइजर करने की व्यवस्था के साथ-साथ चर्च में मॉक्स रखने, सेनीटाइजर रखने, हाथ धोने के लिए पर्याप्त पानी रखने आदि के इंतजाम पूर्ण कर लिए गए हैं।नगर के बस स्टैंड स्थित मेथाडिस्ट चर्च प्रबंधन द्वारा स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति शासन की गाइडलाइंस का पालन नहीं करता तो उसे चर्च में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।
शासन की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन कराया जाएगा- अमित मैथ्यू
चर्च खोले जाने को लेकर की गई चर्चा के दौरान मेथाडिस्ट चर्च के सदस्य अमित मैथ्यू ने बताया कि जान है तो जहान है हम जीवित रहेंगे तो कुछ काम कर सकते हैं शासन की गाइडलाइंस के तहत चर्च प्रार्थना के लिए खोल दिए गए हैं जहां शासन की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन कराया जाएगा जो शासन की गाइडलाइंस का पालन नहीं करेगा उसे चर्च में प्रवेश नहीं देंगे ।उन्होंने बताया कि चर्च में मॉस्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाने ,सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सख्त हिदायत दी गई है हाथ मिलाना, एक दूसरे से गले मिलना आदि पर रोक लगाई गई है इसी सख्ती के साथ ही चर्च प्रार्थना के लिए खोल दिए गए हैं।
सशर्त दी जाएगी अनुमति -शशांक मैथ्यू
चर्च एक अन्य सदस्य शशांक मैथ्यू ने बताया कि आज पांच माह बाद चर्च प्रार्थना के लिए खोल दिए गए हैं जहां शासन की गाइडलाइंस का पूर्ण रुप से पालन कराया जाएगा शासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया था जिसमें मास्क, सैनिटाइजर, शारीरिक दूरी, टेंपरेचर मापने की व्यवस्था कर दी गई है इसके अलावा 10 वर्ष की आयु से कम वाले बच्चे और 65 वर्ष की आयु से अधिक आयु वाले बुजुर्ग को सशर्त चर्च में आने की अनुमति दी गई है यदि उनका स्वास्थ्य खराब होगा तो उन्हें प्रवेश नहीं दिया जाएगा जितने भी लोग रविवार को चर्च में प्रार्थना के लिए आएंगे सभी के एड्रेस लिखने की व्यवस्था भी कर दी गई है उसके बाद ही उन्हें भीतर प्रवेश दिया जाएगा।
पहले घर पर ही प्रार्थना करते थे-पास्टर इंचार्ज
वहीं इस पूरे मामले के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान मेथाडिस्ट चर्च के पास्टर इंचार्ज रेवरी जीएस नाथ ने बताया कि शाशन की गाइडलाइंस के तहत चर्च प्रार्थना के लिए खोल दिए गए हैं जो मार्च के अंतिम सप्ताह से बंद थे। चर्च बंद होने के चलते घर पर रहकर ही प्रार्थना की जा रही थी आज 5 माह बाद रविवार से चर्चा खोला जा रहा है जिसमें शासन की गाइडलाइंस का पालन कराया जाएगा।

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