बालाघाट जिले के वारासिवनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कायदी में 5 वर्षीय बालक नमन की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। 26 जनवरी को गांव के समीप नहर से बालक का शव बरामद होने के बाद भी पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि नमन की मौत नहर में डूबने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य गंभीर वजह है।
जानकारी के अनुसार 25 जनवरी की शाम बालक नमन अपने घर से अचानक लापता हो गया था। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा पूरी रात तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। अगले दिन 26 जनवरी को गांव से कुछ दूरी पर स्थित नहर से उसका शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परिजनों और ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि नमन कभी भी नहर की ओर नहीं जाता था। जिस दिशा में उसका शव बरामद किया गया। उस ओर तो ग्रामीणों ने उसे कभी देखा तक नहीं था। ऐसे में यह सवाल अब गंभीर रूप ले चुका है कि आखिर मासूम बालक नहर तक पहुँचा कैसे?।ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं कि कहीं बालक किसी परिचित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आया जो नशे की हालत में था। उल्लेखनीय है कि ग्राम कायदी और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री खुलेआम जारी है। शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लगना आम बात है, जिससे गांव का सामाजिक माहौल पहले ही खराब हो चुका है।इस पृष्ठभूमि में मासूम की मौत को महज हादसा मान लेना ग्रामीणों को गले नहीं उतर रहा। लोगों का कहना है कि यदि यह डूबने का मामला है तो पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। लेकिन अब तक न तो मौत के कारणों का खुलासा किया गया है और न ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पुलिस पहुंच सकी है।ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, गंभीर और हर एंगल से जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नमन की मौत एक दुर्घटना थी या किसी लापरवाही अथवा अपराध का नतीजा।










































