57 लाख 74 हजार रुपए गबन के मामले में विद्वान अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद लांजी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए, स्टेट बैंक लांजी के तत्कालीन उपप्रबंधक नोहरसिंह उइके को यहां की विद्वान अदालत में पेश कर दिया गया ।जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भिजवा दिया गया है। यह आरोपी 2 दिन की पुलिस रिमांड पर था।
यह मामला 2017 का है 23 मई 2017 एवं 24 मई 2017 को रोकड़ का भौतिक सत्यापन के दौरान बैंक की शाखा लांजी की रिसाईकलर मशीन मैं 48 लाख 52 हजार रुपए, शाखा के एटीएम में 9 लाख 22 हजार 5 सौ रुपए कम पाए गये। उस समय इस बैंक के उपप्रबंधक मनोहरसिंह उइके एवं रोकड़ अधिकारी के पद पर हियाराम चिरौजे थे जिन्होंने उक्त पद पर रहते हुए उक्त राशि का गबन कर दिए थे । जिसकी रिपोर्ट तत्कालीन शाखा प्रबंधक हरीकिशोर दिवटे लांजी पुलिस थाना में की थी इस मामले में दोनों के खिलाफ धारा 409 34 भा द वि और धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का अपराध लांजी में दर्ज किया गया था ।इस मामले में हियाराम चिरोंजे 62 वर्ष ग्राम सुआडोंगरी थाना घनोरा जिला सिवनी निवासी गिरफ्तार किए जा चुके थे वही नोहरसिंह उइके पिता शंभूसिंह उईके 65 वर्ष ग्राम खरपड़िया थाना परसवाड़ा निवासी फरार थे। जिनकी तलाश की जा रही थी। 28सितंबर को माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अमर कुमार शर्मा की विद्वान अदालत में नोहर उइके ने आत्मसमर्पण कर किया था। लांजी पुलिस ने आरोपी नोहरसिह उइके को गबन के मामले में गिरफ्तार कर उसे इस मामले में पूछताछ हेतु 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिए थे । लांजी पुलिस ने रिमांड अवधि समाप्त होने पर 30 सितंबर को मनोहर सिंह को यहां की विद्वान अदालत में पेश कर दिए जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भिजवा दिया गया है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक महेंद्र देशमुख द्वारा की जा रही है।










































