- भोपाल : इसी साल 15 अगस्त को मध्यप्रदेश सरकार ने डायल 100 को बदलकर डायल 112 कर दिया था। इसी के साथ पुराने पुलिस वाहनों को हटाकर नई चमचमाती 1200 महंगी गाडियां पुलिस विभाग को सौंपी गई थीं। इसके लिए सरकार ने अगले 5 सालों के लिए 972 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
- अब ये तस्वीरें देखिए, ये मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले की तस्वीर है। सड़को पर उतरे इन गाड़ियों को बमुश्किल 6 महीने भी पूरे नहीं हुए और ये गाड़ियां अभी से खराब होने लगी हैं, ये जो नई चमचमाती डायल 112 एफआरवी दिख रही है, ये निवाड़ी जिले के टेहरका थाने की है, ये गाड़ी बीच बाजार बंद हो गई, जिसे आम लोगों की मदद से धक्का धक्का मार मार कर स्टार्ट किया जा सका। अब सोचिए, अगर अपराधी को पकड़ने की जिम्मेदारी उठाने वाली ये गाड़ी वक्त पर स्टार्ट ही ना हो तो अपराधियों को पकड़ा कैसे जाएगा।
- अब सरकार के ही ये आंकड़े देखिए, 1200 एफआरवी (फर्स्ट रिस्पॉन्स ह्वीकल) के रखरखाव के लिए 719 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। यानि करीब 60 लाख रुपए प्रति गाड़ी सिर्फ रखरखाव और ऐसा करने वाले 5000 कर्मचारियों के वेतन में खर्च हो रहा है। यानि एक गाड़ी के मेंटेनैंस पर सालाना 12 लाख रुपए खर्च हो रहा है। यानि जो गाड़ी बंद हुई बीते 6 महीने में उस गाड़ी पर 6 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन अफसोस बीच सड़क पर गाड़ी बंद हो रही है और जनता को ही धक्का देना पड़ रहा है।








































