ईओडब्ल्यू भोपाल ने नोएडा की एक कंपनी के डायरेक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बहुचर्चित बाइक बोट घोटाले मामले में लगभग 2500 लोगों को भोपाल में ठगा गया है। इन लोगों ने अपनी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार यह राशि 65.50 करोड़ रुपए की है।
2019 में यह शिकायत दर्ज कराई गई थी। 3 साल की जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने अब मुकदमा दर्ज किया है। इस कंपनी ने चेन नेटवर्क बनाकर बाइक टैक्सी सर्विस के नाम पर लोगों से डिपॉजिट लिया था। इसके बाद कंपनी भाग गई। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का मानना है कि पीड़ितों की संख्या इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है। इस मामले की जांच की जा रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चेन नेटवर्क के तहत अरबों रुपए की धोखाधड़ी, देश के विभिन्न राज्यों में की गई है। इसमें सेना, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी एवं महिला वर्ग भी बड़े पैमाने पर ठगी का शिकार हुई है। लेकिन इतने बड़े ठगों को इस तरीके से इतने लंबे समय तक छोड़ दिया जाना, चिंता का विषय है। 3 साल पहले ईओडब्ल्यू में जो शिकायत की गई थी। यदि पुलिस तुरंत जांच और कार्यवाही करती, तो निवेशकों के साथ साथ ठगी की रकम भी जप्त की जा सकती थी। लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि पुलिस ने जानबूझकर कार्यवाही में इतनी देर की है। आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के आरोप भी लग रहे है। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।










































