- कहते हैं विकास का पहिया सड़क से होकर गुजरता है। देश में सड़कों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और एक के बाद एक आधुनिक एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। नेशनल हाईवेज को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इन हाईवेज पर गाड़ियां तेजी से रफ्तार भर रही हैं और साथ ही टोल वसूली से NHAI की झोली भी भर रही है। फ्रिक्वेंट ट्रैवलर्स को टोल के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए NHAI ने 6 महीने पहले FASTag एनुअल पास लॉन्च किया था और सिर्फ इन 6 महीनों में ही 50 लाख यूजर्स यूजर्स ने एनुअल पास खरीदा है।
- इन 6 महीनों में 26.55 करोड़ ट्रांजेक्शन हुई हैं, जिसमें से लगभग 28 फीसद ट्रांजेक्शन्स अकेले एनुअल पास से हुए हैं। यह सभी आंकड़े कार के FASTag ट्रांजेक्शन के हैं। 50 लाख उपभोक्ताओं ने टोल के बोझ को कम करने के लिए NHAI के एनुअल पास पर भरोसा जताया है।
- बात की जाए सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन की तो दिल्ली के बिजवासन टोल प्लाजा पर सबसे ज्यादा 57 फीसद ट्रांजेक्शन एनुअल पास से हुए हैं। दूसरे नंबर पर दिल्ली का ही मुंडका टोल प्लाजा आता है, जहां पर कुल ट्रांजेक्शन का 53 फीसद एनुअल पास से होता है। हरियाणा में सोनीपत के झिंझोली टोल प्लाजा पर 53 फीसद ट्रांजेक्शन एनुअल पास से होते हैं।
अगर क्षेत्र की बात की जाए तो एनुअल पास से सबसे ज्यादा 14 फीसद ट्रांजेक्शन चंडीगढ़ क्षेत्र में होते हैं, जबकि 12.3 फीसद एनुअल पास ट्रांजेक्शन तमिलनाडु रीजन में और 11.5 फीसद ट्रांजेक्शन दिल्ली क्षेत्र में हुए।
ज्ञात हो कि FASTag एनुअल पास को ऐसे यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है, जो अक्सर टोल प्लाजा से गुजरते हैं और हर बार उन्हें भारी-भरकम टोल चुकाना पड़ता है। एनुअल पास से उन्हें बार-बार FASTag को रीचार्ज नहीं करना पड़ता और टोल प्लाजा पर कैशलेस बे-रोक-टोक यात्रा संभव होती है।
अगर आपने अभी तक FASTag एनुअल पास नहीं बनवाया है तो आप भी Rajmargyatra App पर जाकर एनुअल पास बनवा सकते हैं और अपनी यात्रा के अनुभव को और बेहतर कर सकते हैं।








































