चाइनीज मांझे कितना खतरनाक हो सकता है, इसकी बानगी खरगोन में देखने को मिली, यहां राह पर जा रहे एक युवक के चेहरा और जबड़ा मांझे से कट गया, डॉक्टरों को चेहरे पर 22 टांके लगाने पड़े हैं। गनीमत रही युवक की गर्दन बच गई, अन्यथा जान भी जा सकती थी…खरगोन: जिले में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे का इस्तेमाल लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। बीते रोज कुंदा नदी स्थित नवग्रह पुल से बाइक पर गुजर रहे एक युवक का गला चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। बचाव की कोशिश के दौरान धारदार मांझे ने उसके जबड़े को गहराई तक काट दिया। निजी अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने जबड़े पर 22 टांके लगाए। फिलहाल युवक की हालत में सुधार है, लेकिन डॉक्टरों ने उसे कुछ समय तक बोलने और खाने से मना किया है।हादसे में चिश्तिया नगर निवासी मुबारिक जमशेर घायल हुए हैं। उनके रिश्तेदार अफजल ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे मुबारिक बाइक से कसरावद रोड की ओर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नवग्रह पुल से गुजरते समय अचानक चाइनीज मांझा उनके गले में फंस गया।
मुबारिक ने मांझे से बचने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान धारदार धागा उनके जबड़े को चीरता हुआ निकल गया। मांझे की धार इतनी तेज थी कि इससे जबड़े पर गहरा घाव हो गया। हादसे के बाद मुबारिक बाइक से सड़क पर गिर पड़े और उनके गले से तेजी से खून बहने लगा।
राहगीरों ने मुबारिक को अस्पताल पहुंचाया
घटना के बाद पुल पर मौजूद राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। कुछ राहगीरों ने मुबारिक को पहचान लिया और तत्काल उन्हें निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया और जबड़े पर 22 टांके लगाए।
‘प्रतिबंध के बाद भी कैसे बिक रहा मांझा?’
अफजल ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इसका इस्तेमाल खुलेआम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पतंग उड़ाने के शौक के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला यह धारदार मांझा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।उन्होंने प्रशासन से प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।










































