एमपी में तत्कालीन प्रमुख सचिव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपी तामील की जिम्मेदारी

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हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में मध्यप्रदेश के वेटरनरी विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपी है और अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की है…जबलपुर: एमपी हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में वेटरनरी विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपी है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

नोटिस के बाद भी कोर्ट में नहीं हुई उपस्थिति

जबलपुर के सेवानिवृत्त असिस्टेंट वेटरनरी फील्ड ऑफिसर केके गर्ग की ओर से दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दिसंबर 2025 में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए गए थे।इसके बाद भोपाल स्थित पशु चिकित्सा एवं डेयरी विकास विभाग के अवर सचिव ने 22 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट के विशेष कर्तव्य अधिकारी को पत्र भेजकर नोटिस मिलने की जानकारी दी थी। पत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक, जबलपुर को संपर्क अधिकारी नियुक्त किए जाने की बात भी बताई गई थी।

कोर्ट ने अनुपालन को लेकर जताई नाराजगी

एकलपीठ ने आदेश में कहा कि नोटिस मिलने के बाद भी प्रतिवादियों और संपर्क अधिकारी की ओर से मामले में किसी अधिवक्ता की नियुक्ति या अदालत में उपस्थिति दर्ज कराने की कार्रवाई नहीं की गई।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि केवल रजिस्ट्री को पत्र भेजकर संपर्क अधिकारी नियुक्त करने की जानकारी देना आदेश के पर्याप्त अनुपालन के तौर पर नहीं माना जा सकता। अदालत के अनुसार, मामले में उपस्थिति दर्ज कराने और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने की भी जरूरत थी।गैर-जमानती वारंट जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि परिस्थितियों से ऐसा प्रतीत होता है कि गैर-जमानती वारंट जारी किए बिना प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं होंगे और रिट याचिका में पारित आदेश के पालन से संबंधित अवमानना कार्यवाही में सहयोग नहीं करेंगे। इसी आधार पर एकलपीठ ने तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

भोपाल पुलिस आयुक्त को मिली जिम्मेदारी

हाईकोर्ट ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपी है। अब अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि वारंट की तामील और अदालत में संबंधित अधिकारी की उपस्थिति को लेकर क्या स्थिति रही। याचिका की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।कोर्ट के आदेश में अहम बातें

  • तत्कालीन प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
  • वारंट की तामील की जिम्मेदारी भोपाल पुलिस आयुक्त को सौंपी गई
  • मामला हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के पालन से जुड़ी अवमानना याचिका का है

अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को निर्धारित की गई है

मामले में अब अगली सुनवाई पर अदालत के सामने अनुपालन और संबंधित अधिकारी की उपस्थिति की स्थिति स्पष्ट होगी।

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