Bageshwar Baba Rath Yatra: सीजेपी आंदोलन के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पांच दिवसीय ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ रविवार से शुरू हो रही है। बुंदेलखंड के पांच जिलों से गुजरने वाली इस 500 किमी लंबी यात्रा का उद्देश्य विचारों के माध्यम से लोगों को सनातन से जोड़ना है।
छतरपुर: बुंदेलखंड अंचल में सनातन संस्कृति की अलख जगाने के लिए बागेश्वर धाम के कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा कदम उठाया है। ‘जागो, उठो और सनातन के लिए खड़े हो जाओ’ के मजबूत आह्वान के साथ सीजेपी आंदोलन के बीच रविवार से पांच दिवसीय ‘ सनातन हिंदू एकता रथयात्रा ‘ का भव्य आगाज हो रहा है। इस यात्रा का शुभारंभ राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए देश भर के कोने-कोने से सनातन धर्मावलंबी पहले ही बागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं।
5 जिलों से होकर निकलेगी यात्रा
यह पूरी यात्रा बुंदेलखंड के करीब पांच प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी और इसका कुल रूट लगभग 500 किलोमीटर का तय किया गया है। यात्रा के पहले दिन यह काफिला बागेश्वर धाम से गंज, बमीठा और चंद्रनगर के रास्ते होते हुए अजयगढ़ पहुंचेगा, जहां दोपहर के विश्राम के बाद पन्ना में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम रखा गया है।वीआईपी कल्चर पर रोक
इस भव्य रथयात्रा की सबसे बड़ी खासियत इसका आध्यात्मिक स्वरूप है। इसमें वृंदावन के प्रसिद्ध संत इंद्रेश महाराज, देवी चित्रलेखा, अयोध्या के राजू दास महाराज, गंगादास महाराज, मोनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज समेत कई नामी संत और महात्मा शिरकत कर रहे हैं। बाबा बागेश्वर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस आयोजन में ‘भक्त और भगवान के बीच कोई पास नहीं होगा’, यानी कथा पंडाल और यात्रा के दौरान पूरी तरह से वीआईपी कल्चर को खत्म कर दिया गया है ताकि हर आम भक्त सीधे तौर पर जुड़ सके।भारी सुरक्षा और खास तैयारियां
बाबा बागेश्वर के लिए विशेष तौर पर एक आकर्षक रथ तैयार किया गया है, जबकि वे खुद वैनिटी वैन में इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे। छतरपुर एएसपी आदित्य पटले के अनुसार, इस विशाल रथयात्रा में 300 से 400 वाहनों का काफिला शामिल होने का अनुमान है। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए छतरपुर के अलावा अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 11 से 15 अक्टूबर तक चलने वाली इस यात्रा को लेकर स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।










































