‘मुख्यमंत्री जी को बदनाम करने की साजिश’, अदिवासियों से ज्यादा शिवराज सिंह चौहान को अपनी अनदेखी का दर्द?

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के तेवर से सरकार में खामोशी है। अपनी अनदेखी और आदिवासी परिवारों पर अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर उन्होंने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। साथ ही कहा है कि यह मुख्यमंत्री जी को बदनाम करने की साजिश है।भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने क्षेत्र में आदिवासियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर आरपार के मूड में हैं। सीहोर के कोसमी में रविवार को पीड़ित आदिवासियों के बीच रहे। साथ ही धरने पर भी बैठ गए। अपनी ही सरकार के अधिकारियों को खूब भला बुरा कहा है। साथ ही कहा कि ये हमारे वोटर हैं। अधिकारी मुख्यमंत्री जी की बदनामी करवा रहे हैं।क्या है मामला

दरअसल, बुधनी विधानसभा अंतर्गत आने वाले कोसमी में आदिवासियों के घरों को वन विभाग की ओर से तोड़ा जा रहा है। इसके बाद बाद वहां रह रहे परिवार बेघर हो गए हैं। वन विभाग का दावा है कि आदिवासियों ने वहां अतिक्रमण किया है। यह एरिया सीहोर के वन कक्ष 426 में आता है। यहां 2021 में वन विभाग की ओर से पौधारोपण किया गया था। आरोप है कि प्लांटेशन को नष्ट करके 10 आदिवासी परिवारों ने यहां खेती शुरू कर दी। साथ ही अपनी झोपड़ी डाल ली।

सरकार का दावा है कि इनके खिलाफ वन अपराध के केस दर्ज हैं। इन्हें झोपड़ी हटाने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद बेदखली की कार्रवाई की जा रही है।

तिलमिलाए गए शिवराज

वहीं, जिस जगह पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो रही है। वह शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा में आता है। इसकी शिकायत उन तक पहुंची थी। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया था कि आदिवासियों को उनके घर से बेदखल नहीं किया जाए। शिवराज सिंह चौहान का आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी।

रविवार को कोसमी पहुंच गए

शिवराज सिंह चौहान रविवार को उन आदिवासियों परिवारों के बीच कोसमी पहुंच गए, जहां कार्रवाई हो रही थी। बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार वहां धरना दे रहे थे। कार्रवाई रोकने के लिए शिवराज ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल से बात की है। इसके बाद खुद ही धरने पर बैठ गए।

शिवराज ने पीड़ितों को लगाया गले

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित परिवारों के साथ उनका दर्द बांटा है। उन्हें गले लगाया है। कई परिवार भावुक हो गए। शिवराज भी खुद रोक नहीं पाए। उनका कहना था कि वर्षों से आदिवासी परिवार के ये लोग बीजेपी के वोटर रहे हैं। इनकी वजह से ही मोहन यादव जी मुख्यमंत्री बने हैं। अब इनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है।

मुख्यमंत्री जी की बदनामी हो रही

शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा अधिकारियों के प्रति था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की वजह से मुख्यमंत्री मोहन यादव जी की बदनामी हो रही है। बीजेपी की सरकार की बदनामी हो रही है। मैं चुप नहीं रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं इस अन्याय की जानकारी मुख्यमंत्री को दूंगा।अनदेखी का भी दर्द

हालांकि आदिवासियों के बहाने शिवराज सिंह चौहान का अपना दर्द भी छलक आया है। अधिकारियों पर अब उनकी पकड़ नहीं रही है। वे कहते भी हैं कि मैंने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि इनको तंग नहीं किया जाए। वर्षों से इनका जमीन पर कब्जा है। लेकिन उनकी सुनी नहीं गई।

उठा चुके हैं मुद्दा

गौरतलब है कि बीते दिनों भोपाल में बीजेपी कोर ग्रुप की मीटिंग हुई थी। मीटिंग में कथित रूप से शिवराज सिंह चौहान ने अपना दर्द बयां किया था। जिलों में जाने पर कलेक्टर प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते हैं। ऐसे में यह माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान अब अपनी अनदेखी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।सरकार के लिए असहज स्थिति

शिवराज सिंह चौहान के तेवर को कांग्रेस ने आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने कहा है कि इस बात पर मुहर लग गई है कि मध्य प्रदेश में शिवराज वर्सेस मोहन यादव चल रहा है। हालांकि सरकार और संगठन में अभी शिवराज सिंह चौहान को लेकर चुप्पी है।

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