समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीदी का दौर भले ही कुछ समय के लिए आगे बढ़ गया हो, लेकिन इसका असर मंडी पर कुछ खास देखने को नहीं मिला है। दरअसल, माना जा रहा था कि सोसायटियों में खरीदी की तारीख आगे बढ़ने से किसानों का रुख एक बार फिर मंडी की ओर होगा, लेकिन जमीनी हकीकत कयासों से परे हो गई है। सोमवार को मंडी खुली जरूर, लेकिन यहां पर महज 110 किसानों की उपस्थिति में 2276 क्विंटल गेहूं की ही खरीद फरोख्त हो सकी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण इस बार गेहूं की कम कीमत को माना जा रहा हैं।
सूत्र बताते हैं कि आगे भी गेहूं की मांग कमजोर है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर किसानों को बहुत ज्यादा भाव नहीं मिल पा रहे हैं। व्यापारियों द्वारा भी गेहूं खरीदकर फिलहाल स्टॉक किया जा रहा है, इसका परिवहन नहीं हो पा रहा है। बहरहाल, सोमवार को गेहूं के अधिकतम भाव 2151 रुपये प्रति क्विंटल, तो न्यूनतम भाव 1600 रुपये रहे। जबकि मॉडल भाव 1740 रुपये रहा। गौरतलब है कि समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय जरूर हुआ है, लेकिन अभी खरीदी की तारीख में बदलाव हो गया है।
दोपहर में ही खत्म हो गई खरीदारी
आमतौर पर शाम तक चलने वाली गेहूं की खरीदी का दौर सोमवार को दोपहर में ही समाप्त हो गया। दरअसल, बहुत ज्यादा मात्रा में गेहूं नहीं आया था। ऐसे में वाहनों की तुलाई से लेकर बिक्री तक सबकुछ दोपहर ढलने के दौरान ही समाप्त हो गया।
किसानों को सोसायटी में खरीदी शुरू होने का इंतजार
किसान रामेश्वर सोलंकी, अर्जुन पाटीदार, महेंद्र जाट आदि ने बताया कि किसानों के पास गेहूं तो अब भी है, लेकिन तकलीफ यह है कि मंडी में गेहूं के उम्मीद के मुताबिक दाम नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में किसानों को सोसायटी में सरकारी खरीदी शुरू होने का इंतजार है। इस बार सोसायटी में गत वर्ष की अपेक्षा ज्यादा गेहूं तुलने की संभावना है।
ऐसा रहा है अब तक आवक और भावों का दौर
दिनांक आवक अधिकतम न्यूनतम
15 मार्च 2973 2212 1680
16 मार्च 4601 2200 1690
17 मार्च 3819 2242 1550
18 मार्च 3594 2226 1555
19 मार्च 3875 2240 1620
22 मार्च 2776 2151 1600
(मंडी से प्राप्त जानकारी के आधार पर)
मंडी में गेहूं की आवक थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन आवक का सिलसिला बना हुआ है। त्योहार नजदीक होने की वजह से भी आवक में प्रभाव आया है। इस बार उत्पादन भी कम ही बैठा है।
-लखन जोशी, प्रांगण प्रभारी, कृषि उपज मंडी राजगढ़










































