बालाघाट : आवंटन में अटकी सिंचाई योजना

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कृषि विभाग द्वारा जिले के 297 किसानों को सब्सिडी के आधार पर डीजल और बिजली के पंप खरीदने का प्रपोजल वरिष्ठ स्तर पर भेजा गया था। बजट का अभाव बताते हुए राशि स्वीकृत नहीं की गई। राशि के अभाव में किसानों ने कृषि पंप नहीं खरीद सके। नतीजा आज अल्प बारिश रूठे हुए मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। कृषि विभाग का रुका हुआ बजट सिंचाई की व्यवस्था के बीच रोड़ा बन कर खड़ा हो गया।
50 फीसदी मिलना था अनुदान

आपको बताये कि कृषि विभाग द्वारा सभी वर्ग के किसानों के लिए सिंचाई के लिए डीजल और विद्युत पंप की खरीदी पर विभाग द्वारा 50 प्रतिशत 10 हजार रूपए का अनुदान द्वारा दिया जाना था।
279 किसानों का प्रकरण स्वीकृत

 20 हजार के डीजल और बिजली पंप पर किसानों के खाते में 10 हजार रूपये अनुदान राशि विभाग द्वारा दिया जाना था।  योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 291 का लक्ष्य आया था, जिसमें से 279 किसानों का प्रकरण स्वीकृत किया गया है।
28 लाख की अनुदान राशि

इस दौरान बहुत ही कम किसानों द्वारा अनुदान की राशि आए बिना ही डीजल और बिजली के पंप खरीदकर खेतों में लगा लिया गया है। वहीं अधिकांश किसानों द्वारा सब्सिडी आने के इंतजार में डीजल पंप और बिजली के पंप नहीं खरीदे गए। दूसरी ओर बजट लगभग 28 लाख रूपए की अनुदान राशि मार्च 2021 आनी थी जो अब तक नही आई।
लॉकडाउन बना मुख्य कारण

कृषि विभाग के अधिकारी इस मामले पर कैमरे पर जानकारी देने से इनकार करते थे यही बताते हैं कि  कोरोना लॉकडाउन के कारण उक्त राशि का आवंटन नहीं हो पाया है। आवंटन आने पर जल्द ही उक्त राशि का भुगतान शासन स्तर पर कर दिया जावेगा।
अल्प बारिश ने बढ़ाई परेशानी

आपको बताए कि जिले में 2 लाख 78 हजार हेक्टेयर भूमि पर खरीफ की फसल की बुआई होती है, जिसमें 2 लाख 48 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल बोई की जाती है । यह फसल जिले के 1 लाख 16 हजार किसानों द्वारा बोई जाती है । वर्तमान में बोवनी का समय आ चुका है।  किन्तु बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल प्रभावित हो रही है।
सब्सिडी मिलती तो मिलता लाभ

शायद कृषि विभाग द्वारा समय पर किसानों को सब्सिडी की राशि उपलब्ध करवा दी जाती तो जिले के 297 किसानों द्वारा कृषि कि सिंचाई के लिए डीजल और बिजली पंप खरीद लेते तो कुछ हद तक इतने किसान अपनी फसल को प्रभावित होने से बचा लेते।

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