खुरपुड़ी व रमपुरी में प्रशासन ने की अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही

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नगर मुख्यालय से लगभग ५ किमी. दूर ग्राम पंचायत रमपुरी के रपटाटोला व खुरपुड़ी में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निवासरत दो लोगों के मकान एवं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर लगाये गये तुवर फसल की जमीन पर प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। इस अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान ४७ वर्ष से निवासरत भेजनलाल सर्राठे के द्वारा अतिक्रमण हटाने का विरोध किया गया और प्रशासन पर आरोप लगाया कि ४७ वर्ष से कच्चा मकान बनाकर निवास कर रहा हूं और शासन के द्वारा कहा जाता है कि लंबे समय से निवासरत लोगों को उक्त स्थान का पट्टा दिया जाये परन्तु प्रशासन के द्वारा नही दिया गया है और आज अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कर मुझे बेघर कर दिया गया है जिससे ऐसा लग रहा है कि सरकार सिर्फ कागजों में घोषणा करती है जमीनी स्तर पर उसका पालन नही हो रहा है तभी तो ४७ वर्ष से जिस जमीन पर निवास कर रहा था उक्त स्थान से हटा दिया गया है जो गलत है। वहीं ग्राम खुरपुड़ी के ग्राम रक्षक (कोटवार) ज्ञानीराम मेश्राम के द्वारा शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर मवेशी बांधने के लिए बनाये गये मकान को भी जेसीबी मशीन के माध्यम से जमंदोज कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। इस अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान विवाद होने की स्थिति में पुलिस प्रशासन के द्वारा शांत करवाया गया जिसके कारण अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। जिन लोगों का अतिक्रमण प्रशासन के द्वारा तोड़ा गया है उन्होने शासन-प्रशासन से मकान निर्माण करवाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाने की मांग शासन-प्रशासन से की है।

प्रशासन के आदेश पर हटाया गया अतिक्रमण

ग्राम पंचायत रमपुरी के रपटाटोला में शासकीय घास मद की भूमि पर भेजनलाल सर्राठे के द्वारा खसरा नं. २०२,२२१ में से रकबा ०.०४५ हेक्टेयर पर ४७ वर्ष से अतिक्रमण किया गया था इसी तरह खुरपुड़ी निवासी ज्ञानीराम मेश्राम के द्वारा खसरा नं. ९१ रकबा १.३१६ हेक्टेयर में से १९६ वर्गफीट पर, रपटाटोला निवासी रमेश डेहरे ने खसरा नं. २२१ में से रकवा ०.०६० हेक्टेयर पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था और उक्त अतिक्रमणकारियों को विगत दिवस तहसीलदार के द्वारा नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने निर्देशित किया गया था परन्तु उन्होने अतिक्रमण नही हटाया जिसके बाद रमपुरी व खुरपुड़ी पंचायत को अतिक्रमण हटाने कहा गया और १८ अक्टूबर को पंचायत विभाग, राजस्व व पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई।

चर्चा में भेजनलाल सर्राठे ने बताया कि ४७ वर्ष से कब्जा कर निवास कर रहा हंंू और पट्टा उपलब्ध करवाने के लिए कई बार प्रशासन से गुहार भी लगा चुका हूं परन्तु नही मिला है एवं आज अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कर हमें बेघर कर दिये है अब मंदिर परिसर में झोपड़ी बनाकर रहेगे और इस अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में ५० हजार रूपये का नुकसान हुआ है साथ ही यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान स्वीकृत होने के साथ ही खाते में राशि भी आ चुकी है, मकान बनाने के लिए भूमि नही है इसलिए प्रशासन से मांग है कि मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाये।

चर्चा में खुरपुड़ी कोटवार ने बताया कि ७ वर्ष पूर्व मवेशी बांधने के लिए मकान बनाया था जहां निवास करता था परन्तु आज प्रशासन के द्वारा तोड़ दिया गया है जिससे करीब ५० हजार रूपये का नुकसान हुआ है और मेरे पास रहने के लिए जगह नही है इसलिए प्रशासन से मांग है कि पीएम आवास का लाभ दिलवाने के साथ ही मकान निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करवाये।

चर्चा में रमपुरी सरपंच कन्हैया रहांगडाले ने बताया कि रपटाटोला (रमपुरी) में शासकीय जमीन पर दो लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर लिये थे जिसका प्रकरण न्यायालय में चल रहा था एवं दो वर्ष पूर्व ही अतिक्रमण हटाने के निर्देश होने के बाद भी नही हटाया गया था जिसके बाद गत दिवस प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने आदेशित किया और आज प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है एवं भेजन सर्राठे के पास जमीन नही है तो पंचायत में बैठक लेकर मकान निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जायेगा।

खुरपुड़ी सरपंच धन्नालाल कावरे ने बताया कि ग्राम रक्षक (कोटवार) ने घास मद की जमीन पर अतिक्रमण कर मवेशी बांधने का कोठा का निर्माण कर लिया था जिससे ग्रामीणजनों को मवेशी चराने के लिए परेशानी होती थी, जबकि उसके पास रहने के लिए जमीन है, प्रशासन के द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है और पंचायत क्षेत्र में इस तरह से अन्य लोगों ने भी अवैध अतिक्रमण किये होगें उससे भी हटाने का कार्य किया जायेगा एवं ग्राम रक्षक (कोटवार) को पीएम आवास योजना का लाभ दिलवाया जायेगा।

चर्चा में पटवारी दीपक सोनी ने बताया कि तहसीलदार के निर्देश पर रपटाटोला रमपुरी व खुरपुड़ी के शासकीय भूमि पर किये गये अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की गई है क्योंकि इन्होने शासकीय घास मद की भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण कर लिया था।

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